COVID-19 से बचाव को यूपी सरकार के दफ्तरों में नई व्यवस्था, एक समय में मौजूद रहेंगे 33% कर्मचारी

उत्तर प्रदेश सरकार के सभी दफ्तरों में कार्मिकों की उपस्थिति के बारे में नई व्यवस्था लागू की गई है।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के सभी दफ्तरों में कार्मिकों की उपस्थिति के बारे में नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत कार्यालय में स्वीकृत जनशक्ति के सापेक्ष एक समय में 33 प्रतिशत तक कार्मिक ही उपस्थित रहेंगे।

Umesh TiwariSun, 09 May 2021 08:10 AM (IST)

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के सभी दफ्तरों में कार्मिकों की उपस्थिति के बारे में नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत कार्यालय में स्वीकृत जनशक्ति के सापेक्ष एक समय में 33 प्रतिशत तक कार्मिक ही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद कार्मिक विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है।

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए शासन ने राज्य सरकार के कार्यालयों में 50 प्रतिशत कार्मिकों को दफ्तर आकर और 50 प्रतिशत कार्मिकों को घर से काम करने के बारे में बीते 21 अप्रैल को शासनादेश जारी किया था। अब यह व्यवस्था की गई है कि स्वीकृत जनशक्ति के सापेक्ष 50 प्रतिशत कार्मिक दफ्तर में उपस्थित रहेंगे लेकिन एक समय में उनकी उपस्थिति स्वीकृत जनशक्ति की 33 प्रतिशत तक होगी। बाकी 50 प्रतिशत कार्मिक घर से ही काम करेंगे।

नई व्यवस्था के तहत अस्वस्थ हुए कार्मिक भी घर से काम कर सकेंगे। इससे पहले शासन ने शारीरिक रूप से दिव्यांग कार्मिकों और गर्भवती महिला कर्मचारियों को घर से काम करने की मंजूरी दी थी। सीएम ने पहले निर्देश दिया था कि सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में बीमार, दिव्यांग कर्मचारी और गर्भवती महिला कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा दी जाए। इन्हें कार्यालय आने की कोई अनिवार्यता नहीं है। अब अस्वस्थ कर्मचारियों को भी 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा दी गई है।

राज्य कर्मचारियों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने की सुविधा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार के कार्मिकों को डॉक्टर के परामर्श पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने पर नियमानुसार प्रतिपूर्ति की सुविधा अनुमन्य करने का निर्देश दिया है। जो राज्य कर्मचारी खुद या उनके परिवारीजन कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीज हैं, उन्हें इससे राहत मिलेगी। सरकारी दफ्तरों के अलावा निजी कार्यालयों में बीमार, दिव्यांग कार्मिकों और गर्भवती महिला कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का निर्देश दिया। कहा कि सभी सरकारी दफ्तरों में एक समय में एक तिहाई से ज्यादा कर्मचारी कतई मौजूद न रहें। 

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