कृषक उद्यमियों व किसान उत्पादक समूहों को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार, खर्च होंगे 12 हजार करोड़

UP Cabinet Approved प्रदेश सरकार की योजना को गुरुवार को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। योजना से करीब 50 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 12 हजार करोड़ की आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के लागू होने से कृषि उद्योग और कृषक को बड़ा लाभ मिलेगा।

Dharmendra PandeyFri, 03 Dec 2021 09:00 AM (IST)
योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों को अब हर स्तर पर आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी की है

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों को अब हर स्तर पर आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी की है। इसके तहत चाहे किसान उद्यमी हों या किसान उत्पादक समूह (एफपीओ) या फिर सहकारी व मंडी समितियां हों, सभी को छह प्रतिशत ब्याज पर दो करोड़ रुपये तक का बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इतना ही नहीं इससे अधिक धनराशि पर गारंटी देनी होगी।

प्रदेश सरकार की इस योजना को गुरुवार को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। योजना से करीब 50 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 12 हजार करोड़ की आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के लागू होने से कृषि उद्योग और कृषक को बड़ा लाभ मिलेगा। सरकार आत्मनिर्भर योजना पर 2021-22 से 2031-32 तक के क्रियान्वयन पर लगभग 1220.92 करोड़ रुपये खर्च करेगी। केंद्र सरकार के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआइएफ) के तहत यूपी को 12 हजार करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। इससे किसानों व उनके कल्याण से जुड़ी समितियों, संस्थाओं को तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज की रियायत यानी छह प्रतिशत पर सात वर्ष के लिए ऋण मिल सकेगा। योजना से करीब 47 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 1500 सहकारी संस्थाओं (पैक्स) को एकमुश्त 60 करोड़ रुपये मार्जिन मनी सहायता दी जाएगी। इससे समस्त पैक्स एक प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर कृषि अवस्थापना के विकास के लिए 240 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त कर सकेंगे। पैक्स के जरिए करीब 20 लाख से अधिक किसान सीधे लाभ पा सकेंगे।

हर ब्लाक में दो-दो एफपीओ का होगा गठन

सरकार का कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन पर विशेष जोर है। इसके तहत 2021-22 में 225, 2022-23 व 2023-24 में 625-625 एफपीओ का गठन करने की तैयारी है। इससे हर ब्लाक में करीब दो-दो एफपीओ का गठन हो जाएगा। ज्ञात हो कि प्रदेश में 825 विकासखंड हैं। इससे लगभग 14.75 लाख शेयर होल्डर किसान लाभान्वित होंगे।

अधिक पैदावार वाली फसलें होंगी चिन्हित

योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में अधिक पैदावार वाली फसलों को चिह्नित करके किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद की जाएगी। एफपीओ को फसल की कटाई के बाद आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के विकास तथा उद्यम स्थापना के लिए भी प्रोत्साहन भी मिलेगा। पोस्ट हार्वेस्ट अवस्थापना विकास के लिए पांच वर्ष में 1500 कृषक उत्पादक संगठनों को तथा निजी उद्यम स्थापना के लिए 5000 कृषक उद्यमियों को तीन प्रतिशत ब्याज की छूट पर सात वर्ष के लिए ऋण दिलाने का प्रस्ताव है। मंडी समितियों को कृषि अवस्थापना निधि के उपयोग के लिए मदद की जरूरत है। सरकार ने 27 मंडियों में किसानों के उपयोग से संबंधित अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर 140 करोड़ रुपये निवेश की योजना तैयार की है।  

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.