मानव तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, यूपी एटीएस ने मुगलसराय स्टेशन पर दबोचा

कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर म्यांमार व बांग्लादेश के नागरिकों को अवैध रूप से भारत लाकर उनके आधार कार्ड व पासपोर्ट बनवा कर मानव तस्करी कर विदेश भेजने वाले गिरोह से संबंधित चार सदस्यों को मंगलवार रात यूपी एटीएस ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है।

Vikas MishraWed, 27 Oct 2021 03:15 PM (IST)
मानव तस्करी के बदले यह लोग उनसे धन की अवैध वसूली भी करते हैं।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। म्यांमार व बांग्लादेश के नागरिकों को अवैध तरीके से भारत लाने और उनके कूटरचित आधार कार्ड व पासपोर्ट बनवा कर मानव तस्करी कर विदेश भेजने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े चार सदस्य उप्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (यूपी एटीएस) के हत्थे चढ़ गए हैं। यूपी एटीएस ने चारों को मंगलवार रात मुगलसराय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इनमें से एक युवक पश्चिम बंगाल का रहने वाला है जबकि बाकी तीन बांग्लादेशी हैं। अभियुक्तों के पास से पांच मोबाइल फोन, कूटरचित तरीके से तैयार किये गए तीन भारतीय पासपोर्ट, चार आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, तीन मतदाता पहचान पत्र, दिल्ली मेट्रो का एक कार्ड और विभिन्न देशों की मुद्राएं बरामद हुई हैं।

यह चारों बीती 25 अक्टूबर को दिल्ली से दक्षिण अफ्रीका जाने की फिराक में थे लेकिन हवाई अड्डे पर इमीग्रेशन चेक क्लियर न कर पाने के कारण जा नहीं सके। इसके बाद वे राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली से कोलकाता लौट रहे थे। सूचना मिलने पर एटीएस की वाराणसी फील्ड यूनिट ने उन्हें मुगलसराय स्टेशन पर पकड़ा। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि इनमें से मिथुन मंडल (23 वर्ष) नामक एक अभियुक्त पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में यूरोपियन टूर एंड ट्रैवल नामक ट्रैवल एजेंसी चलाता है।

बाकी तीन अभियुक्त शाउन अहमद (25 वर्ष), मोमिनुर इस्लाम (24 वर्ष) और मेंहदी हसन (23 वर्ष) बांग्लादेश के जमालपुर जिले के मदारगंज थाना क्षेत्र में एक होटल में काम करते थे और बीती 16 अगस्त को अवैध तरीके से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर देश में घुसे थे। इनके दस्तावेजों में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के फर्जी पते दर्ज हैं। विदेश यात्रा के लिए अभियुकतों की ओर से बनवाई गई कोरोना जांच की आरटीपीसीआर रिपोर्ट और टीकाकरण रिपोर्ट जांच में फर्जी पायी गई।

एडीजी कानून व्यवस्था के मुताबिक यूपी एटीएस को बीते कुछ समय से यह सूचना मिल रही थी कि एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह बांग्लादेश व म्यांमार के नागरिकों को अवैध तरीके से भारत ला रहा है। इनमें बांग्लादेशी व रोहिंग्या शामिल होते हैं जिनका उद्देश्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर विदेश जाना होता है। उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में दर्शाने के लिए कूटरचित तरीके से उनके आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड आदि तैयार कराए जाते थे। कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी पते के आधार पर उनके पासपोर्ट बनवाए जाते थे। पहचान छिपाने के लिए इन सभी दस्तावेजों में हिंदू नामों का इस्तेमाल किया जाता था।

इन पासपोर्ट में दर्ज पतों का जब संबंधित राज्यों के पुलिस अधिकारियों से सत्यापन कराया गया तो पजे फर्जी पाए गए। बांग्लादेशी व रोहिंग्या की भारतीय पहचान स्थापित कर उन्हें अवैध तरीके से विदेश भेजने के नाम पर गिरोह उनसे धन वसूली करता है। पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि अभियुक्त पहले फर्जी तरीके से भारतीय नाम व पते का आधार कार्ड बनवाते थे जिससे भारतीय पासपोर्ट बनवाने में आसानी होती है। अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और उनकी ओर से बताये गए तथ्यों की जांच की जा रही है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.