दीपावली पर Petrol-Diesel की कीमतों में बड़ी छूट का उपहार दे सकती यूपी सरकार, मुख्यमंत्री ने अफसरों के साथ की बैठक

पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमत से जनता की नाराजगी को थामने के लिए यूपी सरकार जल्द राहत देने वाला निर्णय कर सकती है। विधानसभा चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल की दरें घटाने के लिए सरकार वैट की दरों में कमी करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

Dharmendra PandeyThu, 28 Oct 2021 02:57 PM (IST)
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार बड़ा मंथन कर रही है

लखनऊ, जेएनएन। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमत से जनता की नाराजगी को थामने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही कुछ राहत देने वाला निर्णय कर सकती है। विधानसभा चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल की दरें घटाने के लिए सरकार उस पर लगने वाली वैट की दरों में कमी करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस संबंध में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाणिज्यकर और वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।

दरअसल, पेट्रोल और डीजल की दरों में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। गुरुवार को राजधानी लखनऊ में जहां पेट्रोल की दर 105.21 रुपये वहीं डीजल 97.48 रुपये प्रति लीटर थी। पेट्रोल के साथ ही डीजल की बढ़ती कीमत से माल भाड़ा भी बढ़ने से हर एक वस्तु महंगी होती जा रही है। महंगाई में इजाफे से प्रदेशवासियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। चूंकि कुछ ही माह बाद विधान सभा के आम चुनाव होने वाले हैं इसलिए, महंगाई को लेकर विपक्षी दल भी लगातार सरकार पर हमलावर हैं। ऐसे में सरकार अब महंगे पेट्रोल-डीजल से प्रदेशवासियों को राहत देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक महंगे पेट्रोल-डीजल से आमजन को राहत पहुंचाने को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री ने पहले उच्चस्तरीय टीम-9 की बैठक में चर्चा की और फिर शाम को संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ भी विचार-विमर्श किया।

सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने पेट्रोल-डीजल पर मौजूदा वैट की दर और उससे मिलने वाले राजस्व के बारे में जानकारी ली। इस बात पर भी चर्चा हुई की अगर तीन-चार रुपये पेट्रोल-डीजल सस्ता किया जाता है तो उससे मार्च तक के राजस्व पर क्या असर आएगा? सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि तकरीबन पांच हजार करोड़ रुपये राजस्व घट जाएगा। चूंकि कोविड-19 के चलते सरकार के जहां खासतौर से मेडिकल के क्षेत्र में खर्चें बढ़े हैं वहीं अन्य मदों से राजस्व में पहले जैसी अभी कमाई नहीं हो रही है, इसलिए फिलहाल पेट्रोल-डीजल पर से वैट घटाने पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि विधान सभा चुनाव होने के कारण सरकार, प्रदेशवासियों को राहत देने के लिए निश्चित तौर पर पेट्रोल-डीजल से वैट घटाएगी। कोशिश होगी कि पेट्रोल-डीजल पांच रुपये लीटर तक सस्ता हो जाए।

लोकसभा चुनाव के बाद बढ़ी थी वैट की दर : योगी सरकार ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले पांच अक्टूबर 2018 को वैट की दर को एक झटके में घटाकर पेट्रोल-डीजल को 2.50-2.50 रुपये प्रति लीटर सस्ता कर दिया था। पेट्रोल पर जहां वैट 26.80 से 3.02 फीसद घटाकर 23.78 फीसद वहीं डीजल पर वैट 17.48 से 3.43 फीसद कम करके 14.05 फीसद किया गया था। इससे लगभग चार हजार करोड़ रुपये का राजस्व घटने पर लोकसभा चुनाव बाद 20 अगस्त 2019 को एक बार फिर वैट बढ़ा दिया गया था। सरकार ने पेट्रोल से 26.80 प्रतिशत वैट या न्यूनतम 16.74 रुपये प्रति लीटर व डीजल पर 17.48 प्रतिशत वैट या 9.41 रुपये प्रति लीटर में से जो भी ज्यादा हो, उसे वसूलने की अधिसूचना जारी की थी। तब इससे एक झटके में पेट्रोल जहां ढाई रुपये महंगा होकर 73.66 रुपये वहीं डीजल एक रुपये बढ़कर 65.28 रुपये प्रति लीटर हो गया था।

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