UP Assembly Election 2022: BSP के बाद अब ब्राह्मणों को लुभाने में लगी SP, उत्पीड़न के खिलाफ फ्रंट फुट पर होगा संघर्ष

UP Assembly Election 2022 लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ पार्टी के पांच बड़े ब्राह्मण नेताओं ने करीब ढाई घंटे तक मंथन किया। अब समाजवादी पार्टी 15 अगस्त से मंगल पाण्डेय की धरती माने जाने वाले बलिया से 15 असग्त से ब्राह्मण सम्मेलन करेगी।

Dharmendra PandeySun, 25 Jul 2021 05:52 PM (IST)
अखिलेश यादव के साथ पार्टी के पांच बड़े ब्राह्मण नेताओं ने करीब ढाई घंटे तक मंथन किया।

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अब जातियों को अपने पक्ष में करने के लिए डोरे डालने लगे हैं। ओबीसी, दलित व मुस्लिम वोट बैंक के बाद दलों की नजर ब्राह्मण वोट पर है। भाजपा ने कांग्रेस के नेता जितिन प्रसाद को पार्टी में शामिल किया तो बहुजन समाज पार्टी ने ब्राह्मणों को फोकस में रखकर अयोध्या में प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया। समाजवादी पार्टी ने भी इसके बाद तेजी दिखाई है।

एक-एक जातिगत वोट बैंक पर मजबूत पकड़ के साथ सपा और बसपा के बीच मुस्लिमों को अपने पाले में खींचने के लिए कबड्डी चली आ रही है। मुस्लिम-यादव के साथ दूसरा कोई वर्ग आया तो सपा और मुस्लिम-दलित गठजोड़ को ब्राह्मण का साथ मिलने से बसपा की किस्मत चमकी। इस दफा इन दोनों दलों को ब्राह्मण वोट बैंक 'गेमचेंजर' नजर आ रहा है। इस प्रबुद्ध वर्ग के प्रति प्रेम तो समाजवादी पार्टी कुछ माह पहले भी जता चुकी, लेकिन बहुजन समाज पार्टी के कार्यक्रम शुरू होते ही अखिलेश यादव ने इस ओर तेज कदम बढ़ाते हुए रणनीति बनाने के लिए पार्टी के पांच ब्राह्मण नेताओं की टीम बना दी है।

लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ पार्टी के पांच बड़े ब्राह्मण नेताओं ने करीब ढाई घंटे तक मंथन किया। अब समाजवादी पार्टी 15 अगस्त से मंगल पाण्डेय की धरती माने जाने वाले बलिया से 15 असग्त से ब्राह्मण सम्मेलन करेगी। सूबे में जातीय सम्मेलन पर रोक के कारण समाजवादी पार्टी भी इसको कोई नया नाम दे सकती है। समाजवादी पार्टी के कार्यालय में रविवार को पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के साथ पूर्व मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय व अभिषेक मिश्रा और पूर्व विधायक संतोष कुमार पाण्डेय तथा बलिया से पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी सनातन पाण्डेय ने करीब ढाई घंटे के गहन मंथन के बाद ब्राह्मण सम्मेलन की रूप रेखा तैयार की।

इसके साथ ही तय किया गया कि पार्टी में जहां भी ब्राह्मणों के साथ कोई अत्याचार होगा वहां पर समाजवादी पार्टी के नेताओं को प्रतिनिधिमंडल जाकर उनके पक्ष में खड़ा होगा। यह लोग ब्राह्मण समाज के उत्पीड़नपर पार्टी की कार्ययोजना तैयार करेंगे। इस बैठक में प्रदेश में ब्राह्मणों के उत्पीड़नपर अखिलेश यादव ने चिंता जताई। इसके बाद पार्टी ने पांच ब्राह्मण नेताओं की कमेटी बनाई, जो कि आंदोलन की रूपरेखा बनाएगी। प्रदेश में अब ब्राह्मणों के उत्पीड़नपर समाजवादी पार्टी फ्रंटफुट पर आ गई है। पार्टी की कमेटी में माता प्रसाद पाण्डेय, मनोज कुमार पाण्डेय, अभिषेक मिश्रा, सनातन पाण्डेय, संतोष पाण्डेय के साथ तेज नारायण पाण्डेय उर्फ पवन पाण्डेय को रखा गया है।  

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