भाजपा ने बाजार-बाजार पहुंचाई राजनीतिक रिश्तों की डोर, व्यापार प्रकोष्ठ ने यूपी के 18 मंडलों में किए 20 सम्मेलन

UP Assembly Election 2022 यूपी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा संगठन हर वर्ग को साथ जोड़ने के लिए कई महीने से पसीना बहा रहा है। सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों को पहले ही कार्यक्रम सौंप दिए गए थे। सामाजिक सम्मेलनों से इतर पार्टी की नजर व्यापारी वर्ग पर अलग से है।

Umesh TiwariTue, 07 Dec 2021 10:04 PM (IST)
भाजपा को भरोसा कि व्यापारी वर्ग 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उसका साथ देगा।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। भारतीय जनता पार्टी को भरोसा है कि व्यापारी वर्ग उसका पुराना वोटबैंक है, जो उसके साथ 2022 के विधानसभा चुनाव में भी रहेगा। इसके बावजूद पार्टी कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। विपक्ष द्वारा जीएसटी की विसंगतियों और महंगाई का मुद्दा उठाकर इस पुराने गठजोड़ को ढीला करने का प्रयास है तो भाजपा ने व्यापारियों तक राजनीतिक रिश्तों की डोर पहुंचाने का प्रयास किया है। पार्टी का दावा है कि व्यापार प्रकोष्ठ ने व्यापारी सम्मेलनों के जरिए प्रदेश के लगभग पांच हजार बाजारों को साथ जोड़ा है।

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा संगठन हर वर्ग को साथ जोड़ने के लिए कई महीने से पसीना बहा रहा है। सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों को पहले ही कार्यक्रम सौंप दिए गए थे। सामाजिक सम्मेलनों से इतर पार्टी की नजर व्यापारी वर्ग पर अलग से है। वैसे माना जाता है यह वर्ग भाजपा का पुराना वोटबैंक, लेकिन विपक्षी दल उसमें सेंधमारी के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसे देखते हुए भाजपा ने ऐसी रूपरेखा बनाई कि व्यापारियों को याद दिलाया जाए कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने उनके लिए क्या-क्या काम किया है।

इसकी जिम्मेदारी व्यापार प्रकोष्ठ को सौंपी गई। संदेश वास्तविक रूप से निचले स्तर तक पहुंचे, इसके लिए प्रदेशभर में बाजार संयोजक बनाए गए। उन्हें व्यापारियों से लगातार संवाद का जिम्मा दिया गया। इसके बाद व्यापारी सम्मेलनों की शुरुआत हुई। जहां सम्मेलन होता, उससे एक-दो दिन पहले पार्टी नेता व्यापारियों की छोटी-छोटी बैठकें करते। उनके सुझावों के साथ शिकायतें भी सुनते और शंकाओं का समाधान करने के साथ पार्टी का संदेश पहुंचाते। इसके बाद सम्मेलनों में प्रयास रहा कि हर बाजार की सहभागिता सुनिश्चित कर सम्मेलन में सरकार की व्यापारी हित की योजनाएं गिनाईं।

भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा का दावा है कि पार्टी से व्यापारियों की कोई नाराजगी नहीं है। हमेशा की तरह वह भाजपा के साथ हैं। हाल ही में प्रकोष्ठ ने 18 प्रशासनिक मंडलों में कुल 20 सम्मेलन किए हैं। इनमें लगभग पांच हजार बाजारों के व्यापारी प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए।

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