UP Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कूदेगी शरद पवार की NCP, भाजपा को हराना मिशन

UP Assembly Election 2022 यूपी प्रेस क्लब में शर्मा ने मीडिया से कहा कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए सभी विपक्षी दलों को मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की अगुआई में मोर्चा बनाना चाहिए।

Dharmendra PandeyTue, 27 Jul 2021 06:18 PM (IST)
शरद पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के मैदान में कूदने की तैयारी में

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए तमाम दल तैयार हैं। इनमें से कुछ गठजोड़ कर रहे हैं तो कुछ अकेले ही मैदान में आने का एलान कर चुके हैं। केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे शरद पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के मैदान में कूदने की तैयारी में है। एनसीपी का तो सिर्फ एक ही मकसद है, भाजपा को हराना और उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर करना।

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केके शर्मा मंगलवार को लखनऊ में थे। इस मौके पर यूपी प्रेस क्लब में शर्मा ने मीडिया से कहा कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए सभी विपक्षी दलों को मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की अगुआई में मोर्चा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एनसीपी की ओर से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। हम महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए प्रयासरत हैं। यूपी प्रेस क्लब में मीडिया से मुखातिब केके शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश अघोषित आपातकाल के दौर से गुजर रहा है। यहां संवैधानिक संस्थाओं को आघात पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ एनसीपी सूबे के सभी जिलों में 'संविधान बचाओ, उत्तर प्रदेश बचाओ' जन जागरण अभियान चलाएगी। शर्मा के साथ एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर यादव भी मौजूद थे।

केके शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बुरा हाल है। इसे सुधारना होगा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यहां समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर हम चुनाव लड़ेंगे। इस बाबत सपा प्रमुख अखिलेश यादव से बात भी हो गई है और अब केवल सीटों का चयन होना है। उन्होंने कहा कि पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने साफ कहा है कि उत्तर प्रदेश में एनसीपी को युवाओं की और किसानों की आवाज उठानी होगी क्योंकि वहां भाजपा सरकार लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा कर रही  है। जो भी आवाज उठा रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और उसे दबाया जा रहा है।

केके शर्मा ने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन करना गलत है पर अगर कोई इच्छा से धर्म परिवर्तन कर रहा है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर यादव ने कहा कि एक अगस्त से एनसीपी प्रदेश भर में 'प्रदेश बचाओ संविधान बचाओ' आंदोलन की शुरुआत करेगी जिसमें किसानों और नौजवानों पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्थिति खराब है। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन उनकी सुनी नहीं जा रही है। अब एनसीपी भी इस मुहिम में उनके साथ है और गांव-गांव जाकर अभियान चलाएगी।

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