केंद्रीय मंत्री स्मृति ने याद दिलाया, एक दल के सर्वेसर्वा कहते थे- लड़कें हैं गलती हो जाती है; अब बेटी का दुपट्टा उड़ाने वाले सलाखों में

भाजपा महिला मोर्चा द्वारा शनिवार को आयोजित नौवें और अंतिम कमल शक्ति संवाद कार्यक्रम में अवध क्षेत्र की प्रबुद्ध महिलाएं बुलाई गई थीं। बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रबुद्ध का मतलब शिक्षा कारोबार प्रतिष्ठा आदि से नहीं है।

Anurag GuptaSat, 27 Nov 2021 09:31 PM (IST)
महिलाओं के लिए दहलीज लांघना भी थी चुनौती : स्‍मृत‍ि ईरानी

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। अवध क्षेत्र की प्रबुद्ध महिलाओं से भरे हाल में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने माइक संभाला तो प्रदेश के पुराने दिनों की याद अपने अंदाज में दिलाने का भरसक प्रयास किया। बोलीं कि महिलाएं याद करें, अपने दिल को टटोलें कि कैसे शाम नहीं, बल्कि दिन भी घर से निकलने में डराता था। महिला-बेटियों का उत्पीड़न होता था तो एक राजनीतिक दल के सर्वेसर्वा कहते थे कि लड़के हैं, गलती हो जाती है। घर की दहलीज लांघना भी चुनौती थी। मोदी-योगी सरकार के बाद आए बदलाव का उल्लेख विभिन्न उदाहरणों से करते हुए स्मृति ने हुंकार भरी अब कोई किसी बेटी का दुपट्टा उड़ाएगा तो सलाखों के पीछे होगा।

भाजपा महिला मोर्चा द्वारा शनिवार को आयोजित नौवें और अंतिम कमल शक्ति संवाद कार्यक्रम में अवध क्षेत्र की प्रबुद्ध महिलाएं बुलाई गई थीं। बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रबुद्ध का मतलब शिक्षा, कारोबार, प्रतिष्ठा आदि से नहीं है। एक परिवार में जन्म लेकर दूसरे परिवार को समृद्ध करने वाली हर महिला प्रबुद्ध है। मुश्किल दौर में खुद पानी पीकर परिवार के अन्य सदस्यों को रोटी खिला देने की शिक्षा बेटी को देने वाली महिला प्रबुद्ध है। कानून व्यवस्था को अंतर समझाते हुए बोलीं कि आज बेटी घर की दहलीज के बाहर जाए तो विश्वास रहता है कि वह सिर उठाकर गई है तो सिर झुकाकर नहीं लौटेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब एंटी रोमियो स्क्वायड बनाया तो तंज कसा गया कि यह कैसी सरकार है, लेकिन परिवारों ने समझा कि यही दरकार है। मंत्री ने कहा कि सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, सम्मान भी मिला। पहले महिला अपना बैंक खाता खुलवाने में हिचकती थी, आज वह बैंक सखी बनकर दूसरों के खाते खुलवा रही है। उन्होंने कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए महिलाओं को समझाया कि मोदी और योगी सरकार कैसे महिलाओं के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली नौ महिलाओं को सम्मानित भी किया।

एक शौचालय न बनवा पाया पचास साल राज करने वाला परिवार : कांग्रेस पर निशाना साधते हुए स्मृति ने कहा कि रायबरेली में 50 साल एक परिवार ने एकछत्र राज किया। वहां पांच लाख परिवारों के लिए मोदी सरकार ने पांच लाख शौचालय बनवाए। पहले शासन करने वाले पंद्रह लाख की आबादी के लिए एक शौचालय नहीं बनवा पाए। मोदी सरकार ने बिना भेदभाव किए बीस लाख लोगाें को मुफ्त टीका और राशन दिया, जबकि क्षेत्र की सांसद आने से इन्कार करती हैं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

बनी रहेगी भाजपा सरकार, तब मिटेगा भ्रष्टाचार :  विशिष्ट अतिथि केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने जोर दिया कि देश-प्रदेश की तुलना और मोदी-योगी के राज के पहले की स्थिति को देखते हुए करना होगा। सीमा पर जवानों को दुश्मन पर गोली चलाने की अनुमति नहीं थी और यहां यूपी में गुंडागर्दी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि यहां अधिकारी आज भी भ्रष्टाचार कर रहे हैं, क्योंकि वह मानते हैं कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। उन्हें पिछली सरकार ने बिना मैरिट के तैनाती दी। जब उन्हें भरोसा हो जाएगा कि भाजपा की सरकार ही रहेगी, तब सुधरेंगे। शोभा ने कहा कि यह यूपी नहीं, देश का चुनाव होने वाला है। अयोध्या के मंदिर में भगवान राम को बिठाने के लिए योगी तो देश को आगे बढ़ाने के लिए मोदी जरूरी हैं।  

देश की खातिर वापस लिए कृषि कानून : महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद गीता शाक्य ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कृषि कानून वापस लिए जाने पर कई तरह की बातें विपक्ष कर रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि कोई बेटी किसी लफंगे से शादी करने पर आमादा हो जाए, तब दूसरी वजहों से माता-पिता को मजबूरन झुकना पड़ता है। उसी स्थिति में कृषि कानून देश की खातिर वापस लिए गए हैं। मंच पर महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा गुप्ता, मोर्चा के प्रदेश प्रभारी विजय बहादुर पाठक और क्षेत्रीय अध्यक्ष गोदावरी मिश्रा भी थीं।

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