ठेकेदार और कर्मचारियों के गठजोड़ से लखनऊ में चौपट हो रही सफाई व्यवस्था, केंद्रीय राज्‍य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

लखनऊ में सफाई व्यवस्था और जलभराव के साथ कई इलाकों में लोगों को बिजली कनेक्शन मिलने में आ रही दिक्कतों पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की। राज्यमंत्री कौशल किशोर ने नगर आयुक्त को ठेकेदारों और कर्मचारियों के गठजोड़ की जांच के निर्देश दिए।

Rafiya NazSun, 26 Sep 2021 09:45 AM (IST)
लखनऊ में निरीक्षण में नहीं मिले 3395 सफाई कर्मी।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। बैठक तो जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की थी, लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था और जलभराव के साथ कई इलाकों में लोगों को बिजली कनेक्शन मिलने में आ रही दिक्कतों पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की। केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने नगर आयुक्त को ठेकेदारों और कर्मचारियों के गठजोड़ की जांच के निर्देश दिए, वहीं बिजली विभाग को कनेक्शन देने में आ रही मुश्किलों का हल निकालने के निर्देश दिए।

विकास भवन में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ठेकेदारों का वर्चस्व है। इस कारण कई इलाकों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। ठेकेदार सफाई कर्मचारियों की तैनाती में मनमानी करते हैं। इससे व्यवस्था बिगड़ती है। इस पर बैठक में मौजूद नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने कहा कि दो दिन पहले ही पूरे शहर में रेंडम जांच कराई गई है, जिसमें अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बैठक में यह भी तय किया गया कि सफाई के बारे में जनप्रतिनिधियों से लेकर पार्षदों तक से फीडबैक लिया जाए और जहां भी गड़बड़ी मिले, वहां का ठेकेदार हटाया जाए। दिशा की बैठक में बिजली विभाग द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण की एनओसी के बिना कनेक्शन न देने मामला भी उठा। इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने बिजली विभाग को लविप्रा से समन्वय कर हल निकालने के निर्देश दिए। इससे पहले सदस्यों ने पूर्व विधायक सुरेश श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि दी। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में पूर्ण किए गए कार्यो का लोकार्पण क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से कराया जाए। बैठक में कौशल किशोर के अलावा राज्यसभा सदस्य डा. अशोक वाजपेयी, प्रतिनिधि सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य एवं मनोनीत सदस्यों के अलावा विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

जोन आठ में सफाई कर्मचारियों की संख्या में गड़बड़ी के बाद शहर के सभी जोनों की जांच में निर्धारित संख्या से कम सफाई कर्मचारी मिलने का मामला सामने आया है। नगर निगम के सभी 110 वाडरें की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने सफाई कर्मचारियों का सत्यापन कराया। सभी आठ जोनों में तैनात किए गए आठ नोडल अधिकारियों के औचक सत्यापन में कार्यदायी संस्थानों द्वारा तैनात कुल 10679 सफाई कर्मचारियों के सापेक्ष मात्र 7284 सफाई कर्मी उपस्थित पाए गए। 3395 सफाई कर्मचारियों के गायब होने पर सभी कार्यदायी संस्थानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यही नहीं, सफाई निरीक्षकों और जोनल अधिकारियों को पर्यवेक्षणीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने के कारण स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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