मल्टीनेशनल कंपनियों की पहल से यूपी में घटे बेरोजगार, पांच साल में बढ़े नौकरी के अवसर

बढ़ती आबादी को नियोजित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की चुनौती जहां मुंह बाए खड़ी है वहीं सरकारी नियमों में आई शिथिलता के चलते मल्टी नेशनल कंपनियों के राजधानी में आने से युवा बेरोजगारों की संख्या में कमी भी आई है।

Vikas MishraWed, 20 Oct 2021 11:26 AM (IST)
कोरोना काल में कंपनियों के साथ ही युवाओं की परेशानी बढ़ी लेकिन अब उसमे कमी आने लगी है।

लखनऊ, [जितेंद्र उपाध्याय]। बढ़ती आबादी को नियोजित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की चुनौती जहां मुंह बाए खड़ी है वहीं सरकारी नियमों में आई शिथिलता के चलते मल्टी नेशनल कंपनियों के राजधानी में आने से युवा बेरोजगारों की संख्या में कमी भी आई है। पिछले पांच वर्षों में कंपनियों के साथ शापिंग माल ने अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी उपलब्ध करा कर उनकी बेरोजगारी को दूर किया है। कोरोना काल में कंपनियों के साथ ही युवाओं की परेशानी बढ़ी लेकिन अब उसमे कमी आने लगी है। 

अकुशल और कम पढ़े लिखे बेरोजगारों को नौकरी के अवसर कम होने से उनकी परेशानी बढ़ गई थी, लेकिन राष्ट्रीय कौशल विकास योजना और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के माध्यम से ऐसे युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को निखारा जा रहा है। ग्रामीण युवाओं के पलायन को रोकने के लिए भी गांवों में ही लघु उद्योग के माध्यम से युवाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इंटर पास 14 से 35 वर्ष तक के युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। अलीगंज के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में कौशल विकास के तहत अब तक रेडीमेड कपड़ों को तैयार करने वाली कंपनी महिलाओं को सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर नौकरी उपलब्ध करा रही हैं। बेरोजगार प्रशिक्षण के लिए वेबपोर्टल (यूपीएसडीएम.जीओवी.इन) पर पंजीयन कराने की सुविधा भी दी गई। 

घट गए पंजीकृत बेरोजगारः लालबाग स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या जो पिछले वर्ष 70 हजार के पार थी तो यह संख्या अब घटकर 48130 हो गई है। इसमे 26,102 पुरुष और 22,130 महिलाएं हैं। 35,120 कुशल और 11,112 अकुशल हैं। पिछले पांच वर्षों में निजी संस्थाओं में 4637 बेरोजगारों को नौकरी दी गई जबकि 203 युवाओं को सरकारी संस्थाओं में नौकरी दिलाने में विभाग कामयाब रहा। सहायक निदेशक सेवायोजन एके भारती ने बताया कि कार्यालय में अनुसूचित जाति व जनजाति के साथ ही पिछड़े वर्ग के युवाओं को निश्शुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। 

सूबे में बेरोजगारों पर एक नजर

प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगार              70 लाख कौशल विकास के लिए पंजीयन        46 लाख सरकारी प्रशिक्षण केंद्र                   186 निजी प्रशिक्षण केद्र                       149 प्रशिक्षण के सेक्टर                          52 प्रशिक्षण की ट्रेडें                           634 प्रशिक्षण के लिए इनरोल                   3.4 लाख प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार                   2.73 लाख प्रशिक्षण का मूल्यांकन                     2.42 लाख प्रशिक्षण के उपरांत नौकरी               1.25 लाख

(सभी आंकड़े कोराेना काल के पहले के हैं)

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