अब UP में टैक्‍सी बुक कराना मतलब आपकी जेब पर डाका, किराये में दो रुपये प्रति Km की वृद्धि

डीजल-पेट्रोल की कीमतों में इजाफा के बाद ट्रैवेल्स एंड ट्रांसपोर्ट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने तत्काल प्रभाव से लागू कीं नई दरें। 250 किमी की गई बाहर जाने वाली टैक्सियों की प्रतिदिन की दूरी पहले दो सौ किमी थी यह दूरी।

By Divyansh RastogiEdited By: Publish:Mon, 01 Mar 2021 11:12 AM (IST) Updated:Mon, 01 Mar 2021 11:22 AM (IST)
अब UP में टैक्‍सी बुक कराना मतलब आपकी जेब पर डाका, किराये में दो रुपये प्रति Km की वृद्धि
250 किमी की गई बाहर जाने वाली टैक्सियों की प्रतिदिन की दूरी, पहले दो सौ किमी थी यह दूरी।

लखनऊ, जेएनएन। डीजल-पेट्रोल की कीमतों में इजाफा होने के चलते ट्रैवल्स एंड ट्रांसपोर्ट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने टैक्सी बुकिंग की दरों में दो रुपये प्रति किलोमीटर की वृद्धि कर दी है। साथ ही बाहर जाने वाली गाड़ियों  की दूरी ढाई सौ किमी. किए जाने का एलान किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष गुप्ता ने बताया कि नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। पदाधिकारियों के साथ संगठन के कार्यालय में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे बुकिंग कर ले जाई जाने वाली टैक्सी में सफर करना महंगा हो गया है। 

एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि टैक्सी आपरेटरों से लिए जाने वाले रोड टैक्स को वन नेशन वन टैक्स के दायरे में लाया जाए, जिससे टैक्सी मालिकों को राहत मिले। टैक्सी में लगाए जा रहे स्पीड गवर्नर के कारण व्यवसाय चौपट हो रहा है। साथ ही केंद्रीय परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर स्पीड गवर्नर की गति सीमा 80 से बढ़ाकर 120 किमी. प्रति घंटे करने की मांग की है। संगठन के अनुसार प्रदेश सरकार ने बजट में सभी का ख्याल रखा है। लेकिन, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को राहत नहीं दी गई है। जबकि, कोरोना काल में धंधा पूरी तरह चौपट हो गया था। इसलिए जरूरी है कि सरकार किसी बड़े राहत पैकेज की घोषणा करे। बैठक में रवि आनंद, अनिल शुक्ला, दिनेश सिंह भदौरिया, रंजीत सिंह गोल्डी, राजेश प्रसाद समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

टैक्सी की नई और पुरानी बुकिंग दर: 

वाहन-पुराना किराया-नया किराया (रुपये प्रति किमी.) छोटा वाहन-आठ से दस रुपये-दस से 12 बड़ा वाहन-12 से 14-अब 14 से 16  (स्रोत : ट्रैवल्स एंड ट्रांसपोर्ट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन)

सात साल बाद किराये में वृद्धि: आरटीओ रामफेर द्विवेदी के मुताबिक, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अभी कोई नई गाइडलाइन ट्रैवल एजेंसियों के लिए नहीं जारी की गई है। साल 2014 के बाद से किराये में वृद्धि नहीं हुई है। 

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