एसएससी की परीक्षा देने आए साल्वर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, बिहार से आए थे लखनऊ

सएसपी एसटीएफ हेमराज सि‍ंह मीणा के मुताबिक गिरोह का सरगना नितीश प्रति व्यक्ति पांच से सात लाख रुपये साल्वर उपलब्ध कराने के लिए लेता है। जिस परीक्षा में साल्वरों को बैठाना होता है उसकी साल्वरों से तैयारी कराता है।

Anurag GuptaFri, 22 Oct 2021 11:56 PM (IST)
परीक्षा देने जाना था कानपुर, एसटीएफ ने नाका से दबोचा।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। एसएससी की परीक्षा देने आए साल्वर गिरोह के दो सदस्यों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। यह दोनों वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देते थे। इन्हें शुक्रवार को कानपुर में आयोजित एसएससी की परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर बैठकर परीक्षा देनी थी। गिरोह को बिहार में बैठा सरगना नितिन संचालित करता है। एसटीएफ की टीमें अब सरगना की तलाश में दबिश दे रही हैं। दोनों आरोपितों को कानपुर में परीक्षा देने जाना था लेकिन नाका में गिरफ्तार कर लिए गए।

एडीजी एसटीएफ अभिताभ यश के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों मेंं शिवम निवासी आदर्श विहार, रुकनपुर पटना और उसका साथी सूरज कुमार शामिल हैं। दूसरा आरोपित भी पटना का ही रहने वाला है। साल्वरों के पास से 14 एटीएम कार्ड, अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र, आधार कार्ड, दो मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपितों को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र राय, दारोगा वीरेंद्र और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।

पटना से गिरोह चलाता है सरगना : गिरोह का सरगना नितीश है। उसके पास कई साल्वर हैं। वह 30 से अधिक परीक्षाओं में साल्वरों को बैठा चुका है। गिरोह के सदस्यों के पास से बरामद मोबाइल से डाटा खंगाला जा रहा है। नितीश का नेटवर्क यूपी के अलावा बिहार, दिल्ली समेत कई राज्यों में फैला है।

पांच से सात लाख प्रति अभ्यर्थी लेते हैं रुपये : एसएसपी एसटीएफ हेमराज सि‍ंह मीणा के मुताबिक गिरोह का सरगना नितीश प्रति व्यक्ति पांच से सात लाख रुपये साल्वर उपलब्ध कराने के लिए लेता है। जिस परीक्षा में साल्वरों को बैठाना होता है, उसकी साल्वरों से तैयारी कराता है। इसके बाद वह साल्वरों को परीक्षा के दो दिन पहले प्रवेशपत्र देकर संबंधित शहर भेजता है। जहां, सेंटर होता है। उसके बाद साल्वर सेंटर पर पहुंचकर वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देते हैं।

अभ्यर्थी और साल्वर की फोटो को मिक्स कराते हैं आवेदन : गिरोह के सदस्य बहुत ही शातिर हैं। जब परीक्षा के लिए फार्म का आवेदन होता है, उस समय से ही यह लोग अपने क्लाइंट खोजकर उनसे बात तय कर लेते हैं। परीक्षा का फार्म जब भरते हैं तो अभ्यर्थी और साल्वर दोनों की फोटो मिक्स कर कंप्यूटर से तैयार कराते हैं। इसके बाद यह लोग उसी फोटो को फार्म पर लगाते हैं, जिससे किसी को शक न हो। मल्टी टाङ्क्षस्कग स्टाफ परीक्षा 2020 में इसी महीने में शिवम और सूरज ने तीन परीक्षाएं दी थीं। आरोपित शिवम से पूछताछ में पता चला कि 18 अक्टूबर को लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र पर वह साल्वर के तौर पर शामिल होने गया था। पर, इस केंद्र पर स्टाफ काफी सक्रिय था और सख्ती थी। इस पर वह परीक्षा से लौट आया था।

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