बढ़ेगा सरसों का उत्पादन तो घटेगी तेल की कीमत, लखनऊ में क‍िसानों को द‍िए उत्‍पादन बढ़ाने के ट‍िप्‍स

चंद्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डा.सत्येंद्र कुमार सिंह ने सरसों की टाईप-नौ टाईप- 30 भवानी गिरिराज तथा संकर प्रजाति 5222 को लगाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि किसान सरसों की बिजाई शीघ्र कर दें।

Anurag GuptaSat, 25 Sep 2021 05:36 PM (IST)
कृषि प्राविधिक सहायक राणा प्रताप सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि संबंधी योजनाओं के बारे में बताया।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। तिलहन के उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ ही तेल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सकता है। ऐसे में उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को क्या करना चाहिए। इसके लिए बख्शी का तालाब स्थित बीज भंडार परिसर में तिलहन परियोजना को प्रभावी बनाने तथा इसके उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। चंद्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डा.सत्येंद्र कुमार सिंह ने सरसों की टाईप-नौ, टाईप- 30, भवानी, गिरिराज तथा संकर प्रजाति 5222 को लगाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि किसान सरसों की बिजाई शीघ्र कर दें। बोने के समय प्रति एकड़ छह बोरी सल्फर, 60 किलोग्राम नाइट्रोजन, 30 किलोग्राम फास्फोरस और 30 किलोग्राम पोटाश प्रति एकड़ डालना चाहिए। यदि किसान समय से सरसों की बिजाई कर देंगे तो कि कीट एवं बीमारियों का खतरा कम रहेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार सुरेश कुमार राजपूत ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन की जानकारी दी।

कृषि प्राविधिक सहायक राणा प्रताप सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि संबंधी योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने सिंह ने कहाकि रसायनों का कम प्रयोग करना चाहिए। इसकी जगह जैविक उत्पाद को बनाने तरीके तथा प्रयोग करने के समय की जानकारी दी। किसान रासायनिक कीटनाशकों के जगह जैविक कीटनाशक जिसमें ट्राइकोडरमा, ब्यूबेरिया बैसियाना, मेटारजियम एनीसोपली एवं बैसिलस थुरिजेनेसिस का प्रयोग करें। गोष्ठी के आयोजक एसएस गगन ने बताया कि किसानों को समय पर सरसों की बिजाई का कार्य पूरा कर लेना चाहिए। इसके लिए ब्लाक में गिरिराज प्रजाति उपलब्ध है जिस पर 50 फीसद अनुदान दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों ने किसानों के प्रश्नों का उत्तर भी दिया। धान की फसल पर गंधी कीट का बहुत अधिक प्रकोप हो तो उस समय मिथाइल डिमेटान 1.5 मिली मात्रा को एक लीटर पानी कि दर से घोल बनाकर शीघ्र छिड़काव करना चाहिए। बीज भंडार के प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया की प्रशिक्षण में विभाग के अवनीश कुमार, विजय विक्रम सिंह, शिवराम, मनीष कुमार सहित बक्शी का तालाब के 50 प्रगतिशील किसान शामिल हुए।  

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