टेरर फंडिंग के मुख्‍य आरोपी मुमताज ने ATS को दिया चकमा, ऐसे पहुंचा CJM कोर्ट Lakhimpur news

लखीमपुर, जेएनएन। टेरर फंडिंग के मुख्य आरोपित मुमताज अली ने शुक्रवार को पुलिस व एटीएस को चकमा देकर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सीजेएम विकास श्रीवास्तव के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।मुमताज ने सरेंडर करने के लिए सीजेएम की अदालत में गुरुवार को अर्जी लगाई थी। तभी यह संभावना जताई जा रही थी कि वह शुक्रवार को सरेंडर कर सकता है और वही हुआ।

मुमताज दोपहर में लंच के बाद सीजेएम कोर्ट में हाजिर हुआ। मुमताज अली अपने भांजे उम्मेद के साथ विदेश से आने वाले पैसों के लिए नेपाली बैंक के खातेदार मुहैया कराने में अहम रोल अदा करता था। मुमताज को नेपाल के बारे में काफी जानकारी है। एटीएस ने उसके टेरर फंड‍िंग मामले में वांछित होने की रिपोर्ट भी कोर्ट में भेज दी थी।

मुमताज पर भारत-नेपाल सीमा से आतंकियों तक कई करोड़ भारतीय मुद्रा पहुंचाने का संगीन आरोप है। मुमताज नेपाल से वहां की करेंसी भारत लाता था। इस काम का वह छह प्रतिशत कमीशन पाता था। भारत में करेंसी के चेंज करने के बाद देश की राजधानी से जुड़े आतंकवादियों को फंड‍िंग की जाती थी। मुमताज की जुबान खुलने से नेपाल के खातेदारों और विदेश से पैसे भेजने वाले लोगों के नाम उजागर हो सकेंगे।

यह है मामला :

लखीमपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच व इंस्पेक्टर निघासन दीपक शुक्ला की टीम ने एक सप्ताह पहले चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से करीब पांच लाख भारतीय रुपये व सवा लाख नेपाली नोट बरामद हुए थे। आरोप है कि ये लोग नेपाल के बैंक खातों से रकम निकलवा कर भारत लाते थे। उसे भारतीय मुद्रा में बदल कर संदिग्ध आतंकियों तक दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में पहुंचाते थे।

मुमताज की जुबान से बाहर आएंगे बड़े-बड़े राज

टेरर फंडिंंग में अहम भूमिका निभाने वाले आरोपित मुमताज की जुबान से टेरर फंड‍िंग  जुड़े बड़े राज बाहर आ सकते हैं। विदेशों से आने वाले टेरर फंड के लिए नेपाल के खातेदारों को मुहैय्या कराने की जिम्मेदारी काफी दिनों से मुमताज निभा रहा था और उनके खातों में जमा रुपयों का लेखा जोखा भी मुमताज के पास ही रहता था। मुमताज यह काम अपने भांजे आरोपित उम्मेद की मदद से करता था।

मुमताज अपने भांजे उम्मेद व समीर के जरिए नेपाली करेंसी को भारत लाते थे इस काम मे आरोपित ऐराज व समीर सलमानी मदद करते थे। छह प्रतिशत कमीशन पर करेंसी चेंज किये जाने का काम होता था। आरोपित मुमताज से ही नेपाली खातेदारों और भारत के बॉर्डर पर करेंसी चेंज करने वालो के नाम का पर्दाफाश होगा।

मुमताज की वल्दियत में भिन्नता

मुमताज अली की वल्दियत के नाम मेें भिन्नता है। मुमताज अली ने कोर्ट में दी गयी सरेंडर अर्जी में अपने पिता का नाम अहमद हुसैन बताया है जबकि एटीएस ने कोर्ट को भेजी मुमताज के वांछित होने की रिपोर्ट में मुमताज के पिता का नाम आजाद हुसैन बताया है।

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