UP में एडेड माध्यमिक कालेजों के शिक्षक 30 सितंबर को देंगे धरना, प्राथमिक शिक्षकों के धरने में शामिल नहीं होंगे शिक्षामित्र

उत्‍तर प्रदेश के सहायताप्राप्त यानी एडेड माध्यमिक कालेजों के शिक्षक 30 सितंबर को मंडल मुख्यालयों पर धरना देंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की रविवार को राज्य परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। सात सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया।

Rafiya NazMon, 13 Sep 2021 09:00 AM (IST)
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की राज्य परिषद की बैठक में चार प्रस्ताव पारित।

लखनऊ, [राज्य ब्यूरो]। प्रदेश के सहायताप्राप्त यानी एडेड माध्यमिक कालेजों के शिक्षक 30 सितंबर को मंडल मुख्यालयों पर धरना देंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की रविवार को राज्य परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया, जो कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेगी।

प्रदेश मंत्री व प्रवक्ता डा. आरपी मिश्र ने बताया कि बैठक में चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए। यदि प्रस्तावों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष किया जाएगा। दूसरे प्रस्ताव में प्रयागराज स्थित माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार, शिक्षकों के बकाया पारिश्रमिक आदि का भुगतान और बोर्ड परीक्षा कार्यों को सीबीएसई की तरह कराया जाए। तीसरे प्रस्ताव में शिक्षकों के चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, पदोन्नति आदि के बकाया अवशेषों के भुगतान पर चर्चा हुई और निदेशालय की जगह पर डीआईओएस स्तर पर ही अवशेष की मंजूरी व भुगतान करने की मांग हुई। चौथे प्रस्ताव में शिक्षकों के स्थानांतरण में प्रबंधक की एनओसी व अधिकारियों की सिफारिशों के नाम शिक्षकों से की जा रही वसूली पर भी ङ्क्षचता व्यक्त की गई। इसके अलावा पुरानी पेंशन की बहाली, शिक्षकों को निश्शुल्क चिकित्सा सुविधा, वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन समेत 25 अगस्त को मुख्यमंत्री को प्रेषित 18 सूत्रीय ज्ञापन को पूरा करने की मांग की जाएगी।

प्राथमिक शिक्षकों के धरने में शामिल नहीं होंगे शिक्षामित्र: प्राथमिक शिक्षकों की समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ मंगलवार को ब्लाक मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेगा। इसमें शिक्षामित्र शामिल नहीं होंगे। शिक्षामित्र संगठन का कहना है कि शिक्षामित्र जब नौकरी को लेकर संघर्षरत थे, तब शिक्षक संघ से अनुरोध किया था, शिक्षक साथ नहीं आए इसलिए अब शिक्षामित्र भी उनका साथ नहीं देंगे।आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने कहा कि कोरोना काल में बच्चों का भविष्य चौपट हो गया है। अब विद्यालय खुलते ही धरना-प्रदर्शन का आयोजन करना ठीक नहीं है। शिक्षकों को बच्चों के भविष्य की ङ्क्षचता होनी चाहिए। 14 सितंबर को सभी शिक्षामित्र पूर्व की भांति समय से विद्यालय में पहुंचकर सुचारु रूप से विद्यालय चलाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना मौर्य ने कहा है कि शिक्षक संघ ने धरना प्रदर्शन के विषय में महिला शिक्षक संघ से कोई वार्ता नहीं की है। महिला संघ इस धरने में शामिल नहीं होगा।

 

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