मल्टीलेवल मार्केटिंग के नाम पर हो रही थी ठगी, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

 लखनऊ, जेएनएन। एसटीएफ ने फिल्म प्रोडक्शन हाउस, बैंकिंग, टेक्सटाइल्स, मीडिया हाउस एवं रियल एस्टेट की फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने मल्टीलेवल मार्केटिंग के माध्यम से लोगों से करोड़ों रुपये हड़पे थे।

एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह के मुताबिक पकड़े गए लोगों में दो कंपनी के डायरेक्टर, जबकि तीन कर्मचारी शामिल हैं। शिकायत मिली थी कि नीलिमा बिजनेस एंड कॉपरेरेटर प्राइवेट लिमिटेड और ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस नाम से कंपनी खोलकर कुछ लोग धोखाधड़ी कर रहे हैं। पता चला कि शनिवार को कंपनी के डायरेक्टर, प्रमोटर व अकाउंटेंट राजधानी आने वाले हैं। एसटीएफ की टीम ने पिकप भवन के पास से ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस कंपनी के डायरेक्टर तेजापुर पोस्ट लोहरा थाना अतरौलिया जिला आजमगढ़ निवासी अवनीश पांडेय उर्फ राहुल और नीलिमा बिजनेस एंड कॉर्पोरेट कंपनी के डायरेक्टर केंद्रीय विद्यालय रोड आजमगढ़ निवासी सुधांशु श्रीवास्तव को दबोच लिया।

दोनों के साथ नीलिमा कंपनी के प्रमोटर समालखा जिला पानीपत हरियाणा निवासी प्रदीप शर्मा, सेल्स मैनेजर लालरोड थाना सुनगढ़ी जिला पीलीभीत निवासी अहमद मियां और अकाउंटेंट मयूर विहार फेज तीन थाना गाजीपुर दिल्ली निवासी मोहम्मद साहिल को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक आरोपितों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में पांच एफआइआर दर्ज है। 

आठ साल से संगठित गिरोह कर रहा था फर्जीवाड़ा

एएसपी एसटीएफ ने बताया कि प्रदीप शर्मा का कहना है कि बीते आठ साल से दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आरोपित संगठित गिरोह बनाकर लोगों से ठगी कर रहे थे। मनीष ने पहले ब्लूफोक्श प्रोडक्शन हाउस बनाई थी, जिसके निदेशक मन्नू प्रशांत विग थे।

जालसाजी के आरोप में मन्नू प्रशांत विग जेल जा चुका है और कंपनी बंद है। आरोपित ने वर्ष 2016 में एम्परर कंपनी बनाई, जिसमें डायरेक्टर और भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री अनारा गुप्ता और अपिता माली थीं। आरोप है कि यह कंपनी लोगों के 90 करोड़ रुपये हड़प चुकी है। आरोपित ने पिछले साल ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस व नीलिमा बिजनेस एंड कॉर्पोरेट कंपनी बनाई और छह करोड़ हड़पे। वहीं सुधांशु ने वर्ष 2015 से अब तक पांस से अधिक फर्जी कंपनियां बनाई हैं और उनके जरिए रुपये हड़पे हैं।

आरोपित अवनीश ने ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस कपंनी बनाई थी, जिसे विजय और बलराम राव ने केसी इंफ्रा नाम की सिस्टर कंसल्ट कंपनी में मर्ज कर लिया था। एसटीएफ वांछित आरोपित अनारा गुप्ता और अपिता माली समेत अन्य की तलाश कर रही है।

 

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