लखनऊ के आश्रम पद्धति बालिका कॉलेज में द‍िया जा रहा था बासी खाना, प्रमुख सचिव ने दिए जांच के आदेश

छात्राओं की आपीबीती सुनकर स्तब्ध प्रमुख सचिव समाज कल्याण हिेमांशु कुमार ने मामले की जांच कर एक दिन के अंदर रिपोर्ट देेने का आदेश दिया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी डा.अमरनाथ यती ने बताया कि छात्राओं ने खाने में गड़बड़ी की बात कही है।

Anurag GuptaSun, 28 Nov 2021 01:13 PM (IST)
कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई, खाने से बीमार छात्राओं से मिले प्रमुख सचिव समाज कल्याण।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। मोहान रोड स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कालेज में खाने की गुणवत्ता खराब होने से बीमार छात्राओं ने रविवार को प्रमुख सचिव समाज कल्याण हिमांशु कुमार ने लोकबंधु में भर्ती छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं ने बताया कि उन्हें कई दिनों ने बासी भोजन दिया जा रहा था। अधीक्षिका से कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इसे लेकर शनिवार को भी शिकायत की गई। पहले एक दो छात्राओं को उल्टी व पेट दर्द की शिकायत हुई तो अधीक्षिका ने कहा कि ज्यादा भोजन से ऐसा होता है।

छात्राओं की आपीबीती सुनकर स्तब्ध प्रमुख सचिव समाज कल्याण हिेमांशु कुमार ने मामले की जांच कर एक दिन के अंदर रिपोर्ट देेने का आदेश दिया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी डा.अमरनाथ यती ने बताया कि छात्राओं ने खाने में गड़बड़ी की बात कही है। चिकित्सकों ने खाने से परेशानी होने की जानकारी दी है। अधीक्षिका और मेस संचालक से मामले की पूरी जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं ने शनिवार को घटिया खाने को विरोध प्रदर्शन किया था। शिक्षकों के समझाने के बावजूद छात्राएं कालेज से निकल कर बुद्धेश्वर चौराहे तक पहुंच गईं।

छात्राओं का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद खाना सही नहीं मिलता और शिक्षक शिकायत करने पर घर भेजने की धमकी देते हैं। हंगामा बढ़ा तो मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं नहीं मानी। देर रात तक हंगामा करती रहीं। इस बीच कुछ छात्राएं बीमार हो गई और उन्हें लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसे लेकर पास में जयप्रकाश नारायण आवासीय विद्याल के छात्र भी उनके समर्थन में आ गए।

पहले भी हो चुका है हंगामा : आश्रम पद्धति बालिका इंटर कालेज में खाने को लेकर आए दिन हंगामा होता रहता है। अधीक्षिका और मेस संचालक मिलीभगत से आवासित छात्राओं को घटिया भोजन मिलता है। कभी सड़ी आलू की सब्जी तो कभी बारसी चावल-दाल मिलता है। अधिकारियों की मिलीभगत से कोई कार्रवाई नहीं होती।

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