स्मार्ट मीटर की रफ्तार बढ़ा रहा है उपभोक्ताओं की धड़कने, अभियंता भी परेशान

लखनऊ में स्मार्ट मीटर में आ रही हैं दिक्कतें, जिस पर बिजली विभाग भी मौन है।
Publish Date:Sat, 24 Oct 2020 11:03 AM (IST) Author: Anurag Gupta

लखनऊ, जेएनएन। स्मार्ट मीटर भवन स्वामी के साथ साथ अब उन किराएदारों के लिए सिरदर्द बन गया है, जिन मकानों में भवन स्वामी रहता नहीं और पूरा फ्लैट या मकान किराए पर दिए है। जो बिजली खर्च होती है उसका बिल भी किराएदार को देना पड़ता है। ऐसे किराएदार स्मार्ट मीटर की रफ्तार के आगे नमस्तक हो गए हैं। कारण स्मार्ट मीटर घर का बजट बिगाड़ रहा है। हर माह दो से तीन हजार वाले बिजली बिल पांच से दस हजार तक पहुंच रहा है। इससे किराएदार अब ऐसे मकान की तलाश कर रहे हैं, जिन भवन स्वामी के यहां स्मार्ट मीटर न लगा हो। क्योंकि बिजली बिल घर का बजट बिगाड़ न सके। वहीं बिजली महकमा भी अपने स्मार्ट मीटरों की गति के आगे बेबस है। यह हाल गोमती नगर विस्तार का है। 

गोमती नगर विस्तार स्थित यमुना अपार्टमेंट विमला मिश्रा का फ्लैट है, इनका मीटर खराब था, करीब चालीस हजार से ऊपर बिल आ गया, शिकायत की तो मीटर की जांच हुई और मीटर खराब पाया गया। बिजली विभाग ने नया मीटर लगवाया, लेकिन न पुराने मीटर का बिल आया और न नए मीटर का दो माह से बिल आया है। खासबात है कि इनकी बिजली काट दी गई। उपभोक्ता ने वरिष्ठ अभियंताओं को पूरी बात बताई तो बारह घंटे बाद बिजली तो जोड़ दी गई लेकिन कोई अभी तक भी नहीं आया। 

गोमती नगर विस्तार स्थित ग्रुीन वुड निवासी श्रुति गुप्ता कहती हैं कि जब से स्मार्ट मीटर लगा है, बजट बिगड़ा हुआ है। स्थिति यह हो गई है कि घर से अगर कही जाते हैं तो बाहर से एनसीवी बंद कर देते हैं। बिजली बचाने के सारे जतन कर रही हूं, इसके बाद भी स्मार्ट मीटर की रफ्तार कुछ ज्यादा ही स्मार्ट है। श्रुति कहती है कि अब ऐसे फ्लैट की तलाश है जहां स्मार्ट मीटर न लगा हो, क्योंकि जो दो पैसे बचते थे, वह इस स्मार्ट मीटर लगने के बाद उसी में जा रहे हैं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.