सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप- जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सदस्यों को डरा-धमका रही भाजपा

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अपने प्रशासन और पुलिस के दम पर जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव बनाकर अगर धनबल से अपने जिला पंचायत अध्यक्षों को बनवाना चाहती है तो उसे जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।

Umesh TiwariFri, 18 Jun 2021 07:33 PM (IST)
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पंचायत चुनावों में हार से बुरी तरह बौखलाई हुई है।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंचायत चुनावों में हार से बुरी तरह बौखलाई हुई है। संख्या बल न होते हुए भी अपने जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए व्याकुल भाजपा नेतृत्व सरकारी तंत्र का दबाव डालते हुए पंचायत सदस्यों को डरा धमकाकर अपने पक्ष में मतदान के लिए मजबूर कर रहा है। सत्ता का यह घोर दुरुपयोग है और भाजपा सरकार की इन दमनकारी नीतियों से लोकतंत्र खतरे में है।

अखिलेश यादव ने कहा कि औरैया, मैनपुरी, फीरोजाबाद, एटा, हापुड़, सिद्धार्थनगर, रामपुर, गोरखपुर व फर्रुखाबाद सहित अन्य जिलों में सत्ता दल खुलकर समाजवादी पार्टी के निर्वाचित व समर्थित जिला पंचायत सदस्यों का उत्पीड़न कर रहा है। हद तो यह है कि सरकारी तंत्र द्वारा पंचायत सदस्यों के परिवारीजन को भी तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों पुलिस महानिदेशक से भी इसकी शिकायत की थी पर नतीजा अभी आना बाकी है। राजनीतिक द्वेष के चलते फर्जी मुकदमों में फंसाने के साथ समाजवादी पार्टी के नेता का मकान तोड़ने की भी धमकी दी गई है। उनके मार्केट को कोर्ट के स्टे के बावजूद तोड़ा जाना अन्याय है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अपने प्रशासन और पुलिस के दम पर जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव बनाकर अगर धनबल से अपने जिला पंचायत अध्यक्षों को बनवाना चाहती है तो उसे जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। 2022 में होने वाले चुनावों में भाजपा को सत्ता बनाने का निश्चय कर चुकी है। सत्ता के दुरुपयोग से वंचित होना तय है। इस बार जनता समाजवादी पार्टी की ही प्रदेश में सरकार बनाएगी।

उन्नाव में पुलिस कर्मियों का निलंबन नाइंसाफी : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्नाव जिले में निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्नाव में जिन पुलिस कर्मियों ने खतरा मोल लेते हुए अचानक खतरनाक हुई परिस्थितियों में रक्षात्मक उपकरणों के अभाव में भी कर्तव्य निभाया, उन्हें निलंबित करना नाइंसाफी है। दोनों पुलिसकर्मियों को तुरंत बहाल किया जाए। भाजपा सरकार रक्षात्मक उपकरण उपलब्ध न करा पाने पर अपनी गलती माने।

दरअसल, उन्नाव में सड़क दुर्घटना के बाद मुआवजे की मांग को लेकर उग्र हुए ग्रामीणों के प्रदर्शन में पथराव से बचने के लिए एक पुलिस कर्मी ने हाथ में झाबा पकड़ लिया था, जबकि दूसरे ने प्लास्टिक का स्टूल सिर पर रख लिया था। दैनिक जागरण ने इस तस्वीर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे अखिलेश यादव ने भी गुरुवार को ट्वीट कर दिया था। इसी के बाद प्रदेश सरकार ने इन दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था।

बागपत के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित दो सपा से निष्कासित : समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को बागपत के पूर्व जिलाध्यक्ष किरण पाल उर्फ बिल्लू प्रधान एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओंकार यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने मीरजापुर के धीरेन्द्र सिंह को समाजवादी युवजन सभा का प्रदेश सचिव, अलीगढ़ के यशवीर सिंह चौधरी व वाराणसी के मोहम्मद रिजवान खान को समाजवादी युवजन सभा का सदस्य नामित किया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.