अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर के आकार के अनुरूप हो रही नींव की खोदाई, ढाई माह तक चलेगा कार्य

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर की नींव खोदे जाने का काम दो से ढाई माह तक चलेगा।

रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर की नींव की डिजाइन तय कर ली गई है। हालांकि उसे बैठक में प्रस्तुत नहीं किया जा सका है। अगले 10-12 दिनों में यह तय होना है कि नींव में किस तरह के कंपोनेंट का प्रयोग होगा।

Publish Date:Thu, 21 Jan 2021 09:47 PM (IST) Author: Umesh Kumar Tiwari

अयोध्या, जेएनएन। रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर की नींव खोदे जाने का काम दो से ढाई माह तक चलेगा। नींव की खोदाई प्रस्तावित मंदिर के आकर-प्रकार के अनुरूप की जा रही है। इसके बाद नींव निर्माण शुरू होगा। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि एवं ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने दी। वे सर्किट हाउस में चली राम मंदिर निर्माण समिति की मैराथन बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब थे।

10-12 दिनों में तय होगा नींव में प्रयुक्त कंपोनेंट : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने बताया कि मंदिर की नींव की डिजाइन तय कर ली गई है। हालांकि उसे बैठक में प्रस्तुत नहीं किया जा सका है। अगले 10-12 दिनों में यह तय होना है कि नींव में किस तरह के कंपोनेंट का प्रयोग होगा। कंपोनेंट तय करने के लिए मंदिर निर्माण की कार्यदायी संस्था एलएंडटी एवं टाटा कंसल्टेंट इंजीनियर्स सहित आइआइटी चेन्नई, मुंबई, दिल्ली आदि के विशेषज्ञों की टीम अध्ययन में जुटी है और जल्दी ही यह निर्णय भी हो जायेगा।

नींव की खोदाई मंदिर के आकर के अनुरूप : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार नींव की खोदाई प्रस्तावित मंदिर के आकर-प्रकार के अनुरूप की जा रही है। उन्होंने बताया कि नींव की खोदाई के साथ मंदिर निर्माण में प्रयुक्त होने वाले पत्थर की क्वालिटी टेस्टिंग और परचेजिंग का काम चलता रहेगा। नींव निर्माण के साथ सरयू नदी का भूमिगत प्रवाह रोकने के लिए प्रस्तावित रिटेनिंग वॉल निर्माण का काम नींव की खोदाई के बाद ही संभव है। क्योंकि खोदाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी वहां से हटानी होगी।

नृपेंद्र मिश्र ने परिसर का लिया जायजा : गुरुवार को राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष एवं अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र सुबह 9:30 बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे और उन्होंने निर्माण के संबंध में परिसर का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि, ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र सहित निर्माण से जुड़े अनेक तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। 

विशेषज्ञों के साथ निर्माण कार्य की समीक्षा : स्थलीय निरीक्षण के बाद करीब दो घंटे तक परिसर में ही मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट एवं मंदिर निर्माण समिति के पदाधिकारियों ने तकनीकी विशेषज्ञों के साथ निर्माण कार्य की समीक्षा की। बैठक का अगला सत्र सर्किट हाउस में तीसरे पहर 2:30 बजे से शुरू हुआ। यहां दो चरणों में बैठक हुई। पहले चरण में ट्रस्ट एवं निर्माण समिति के पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा तथा नगर निगम के आयुक्त विशाल सिंह के साथ बैठक की, तो दूसरे चरण में डीआइजी दीपक कुमार के साथ बैठक कर रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तथा निकट भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था उच्चीकृत करने पर विचार किया गया। परिसर के निरीक्षण एवं बैठकों में राम मंदिर के मुख्य शिल्पी सीबी सोमपुरा के प्रतिनिधि के रूप में उनके पुत्र आशीष एवं निखिल सोमपुरा तथा दिग्गज वास्तुविद एके मित्तल, जगदीश एस आफले भी मौजूद रहे।

गर्भगृह की नींव खोदाई से पूर्व किया गया पूजन : राम मंदिर के लिए नींव की खोदाई का काम 15 जनवरी से ही शुरू हो गया है। गुरुवार से प्रस्तावित मंदिर के मुख्य केंद्र यानी गर्भगृह की भी नींव खोदे जाने का काम शुरू हुआ। गर्भगृह की नींव खोदे जाने से पूर्व राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र एवं विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेशचंद्र ने विधि विधान से गर्भगृह की भूमि का पूजन भी किया।

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