विकास योजनाएं लंबित हुईं तो अफसरों पर होगी एफआइआर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

श्रावस्ती, जेएनएन। बहराइच और श्रावस्ती के विकास कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर लापरवाह अफसरों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद जो अफसर बार-बार प्रोजेक्ट का रिवाइज एस्टीमेट भेजकर उसमें देरी का कारण बनेंगे, गुणवत्ता से समझौता करेंगे, उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा विलंब से यहां पहुंचे लेकिन, उन्होंने जिले को भरपूर समय दिया। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना के लिए धन का अभाव नहीं है। परियोजना के लिए बार-बार रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजने, मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने, समय से उपयोगिता प्रमाण पत्र न भेजे जाने से परियोजनाएं लंबित हो जाती हैैं। इसीलिए ऐसे मामलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती कर जांच कराने के निर्देश भी दिए हैैैं। 

30 नवंबर तक गड्ढा मुक्त न हो सड़कें तो कराएं जांच मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 30 नवंबर तक यदि सड़कें गड्ढामुक्त न हों तो जिला स्तर पर एक टीम गठित कर जांच कराई जाए। जवाबदेही तय करते हुए संबंधित के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराकर निलंबन की कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने थारू जनजाति के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से लाभान्वित करने और थारू बाहुल्य गांवों को राजस्व ग्राम के रूप में चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सीएम ने किसानों के भुगतान में लापरवाही पर बहराइच की चिलवरिया चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआइआर के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने बलरामपुर में भी विकास कार्यों की समीक्षा की और तुलसीपुर स्थित देवीपाटन शक्तिपीठ मंदिर में पहुंचकर ब्रह्मïलीन महंत महेंद्र नाथ योगी कह्म् 19वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। 

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