बहराइच में जलस्‍तर स्थिर होने के बावजूद घाघरा में कटान जारी, गोंडा और बलरामपुर में खतरे के मुहाने पर कई गांव

नेपाली नदियों से आने वाले पानी को बैराजों से छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। जलस्तर स्थिर होने से घाघरा के तटवर्ती गांवों में बाढ़ की संभावना कुछ समय के लिए कम हुई है लेकिन दोबारा पानी छोड़े जाने के बाद से जलस्तर बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।

Mahendra PandeySat, 19 Jun 2021 11:22 AM (IST)
नेपाली नदियों से आने वाले पानी को बैराजों से छोड़े जाने का सिलसिला जारी

लखनऊ, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़़ का खतरा लगातार बढ़़ रहा है। कुछ जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तो कुछ जिलों में बाढ़ की आशंका से ग्रामीण सुरक्षित स्‍थानों की तलाश में घर-बार छोड़ कर चले गए हैं। बहराइच में नेपाली नदियों से पानी बैराजों में भारी मात्रा में छोड़ा जा रहा है। हालांकि घाघरा का जलस्‍तर स्थिर है, इसके बावजूद कुछ गांवों में कटान जारी है। गोंडा, बलरामपुर समेत अन्‍य कई जिलों में बाढ़ चिंता का सबब बना है। 

तीनों बैराजों से छोड़ा गया दो लाख 15 हजार 384 क्यूसेक पानी

बहराइच: नेपाली नदियों से आने वाले पानी को बैराजों से छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार की सुबह तीनों बैराजों से दो लाख 15 हजार 384 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सुबह से घाघरा का जलस्तर स्थिर है। जलस्तर स्थिर होने से घाघरा के तटवर्ती गांवों में बाढ़ की संभावना कुछ समय के लिए कम हुई है, लेकिन दोबारा पानी छोड़े जाने के बाद से आगामी कुछ घंटों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। जलस्तर स्थिर होने के बावजूद कुछ गांवों में कटान जारी है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के साथ तहसील प्रशासन भी हरकत में आ गया है।

कैसरगंज तहसील के मंझारा तौंकली ग्राम पंचायत के ग्यारह सौ रेती, भिरगूपुरवा व हरिजनबस्ती गांव में घाघरा ने कटान शुरू कर दिया है। गांव निवासी श्यामनरायन का मकान धारा में समाहित हो गया, जबकि तटवर्ती किसानों की 12 बीघे कृषि योग्य भूमि धारा में समाहित हो गई। प्रभावित क्षेत्र के वाशिंदे सुरक्षित स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं। एसडीएम कैसरगंज महेश कुमार कैथल ने बताया कि कटान प्रभावित गांवों का जायजा लिया गया है। कटान पीड़ितों को तिरपाल व खाद्यान्न मुहैया कराया गया है। राजस्व कर्मचारियों की टीम कटान प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रही हैं।

महसी तहसील के तिकुरी ग्राम पंचायत पर भी घाघरा की क्रूर लहरों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कृषि योग्य भूमि को निगलते हुए घाघरा ग्रामीणों के आशियानों की ओर बढ़ रही है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद भीषण बाढ़ व कटान की आशंका से तटवर्ती ग्रामीण सहमें हुए हैं। शुक्रवार की सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर लाल निशान 106.07 मीटर के सापेक्ष 105.626 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां घाघरा लाल निशान से महज 44 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह आठ बजे शारदा बैराज से 39 हजार 365, गिरिजापुरी बैराज से एक लाख 59 हजार 570 व सरयू बैराज से 16 हजार 419 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह तीनों बैराजों से कुल दो लाख 15 हजार 384 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

बहराइच की नदियों का जलस्तर

नदी           बैराज        लाल निशान       जलस्तर घाघरा      गिरजापुरी       136.80           135.65 घाघरा      एल्गिन ब्रिज    106.07           105.626 घाघरा       घूरदेवी            112.135         110.530 सरयू         गोपिया            133.55          132.10 शारदा        शारदा              135.49          134.65 (जलस्तर मीटर में है)

 चेतावनी बिंदु से 81 सेंटी मीटर ऊपर बह रही राप्‍ती 

बलरामपुर : राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से ऊपर 81 सेंटीमीटर (104.430) पर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव के लोगों में बाढ़ की आशंका सताने लगी है। साथ ही पहाड़ी नालों में उफान आ गया है। गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर दतरंगवा, भुसैलवा व सिंघवापुर डिप पर पानी का बहाव तेज होने से आवागमन में परेशानी हो रही है। लोग जान जोखिम में डालकर डिप पार कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह से रूक-रूक कर बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया है।

ऐलीपरसौली में कटान की आशंका से सुरक्षित स्‍थानों की तलाश में ग्रामीण 

गाेंडा : शुक्रवार की भोर हल्की फुहारें पड़ी। इसके बाद बादल छा गए। विभिन्न इलाकों में बारिश भी हुई। बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 48 व अयोध्या में सरयू नदी 70 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। घाघरा नदी में 2.15 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। तरबगंज तहसील के ऐलीपरसौली में कटान की आशंका से ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन शुरू कर दिया है। डीएम मार्कण्डेय शाही ने कर्नलगंज व तरबगंज एसडीएम को निगरानी के निर्देश दिए हैं।

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