वरिष्ठ रंगकर्मी गोपाल सिन्हा अब ऑनलाइन समझा रहे लखनऊ रंगमंच का इतिहास

वरिष्ठ रंगकर्मी गोपाल सिन्हा अब ऑनलाइन समझा रहे लखनऊ रंगमंच का इतिहास

लखनऊ में वरिष्ठ रंगकर्मी गोपाल सिन्हा अब लोगों को लखनवी रंगमंच के इतिहास काे ऑनलाइन समझा रहे हैं।

Publish Date:Sun, 12 Jul 2020 10:08 PM (IST) Author: Anurag Gupta

लखनऊ, जेएनएन। वरिष्ठ रंगकर्मी गोपाल सिन्हा इन दिनों युवा कलाकारों को अपनी पुस्तक संगठित एवं आधुनिक लखनऊ रंगमंच का इतिहास के माध्यम से लखनवी रंगमंच के इतिहास को समझा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने फेसबुक पर एक श्रृंखला शुरू की है, जिसमें वो हर हफ्ते एक वीडियो अपलोड करते हैं। इस कड़ी में वो अब तक करीब नौ एपिसोड अपलोड कर चुके हैं।

लोगों को रोचक लग रही जानकारी, कर रहे शेयर

वरिष्ठ रंगकर्मी बताते हैं कि लखनऊ रंगमंच का इतिहास बहुत पुराना है। इसमें 70-80 का दशक गोल्डन एरा माना जाता है। जब मेरी कुछ समय पहले नए पीढ़ी के कलाकारों से मुलाकात हुई तो उन्हें पता ही नहीं था कि पहले के समय में कैसे नाटक होते थे और लखनऊ रंगमंच का क्या इतिहास रहा है। हालांकि मेरी किताब पहले छप चुकी थी लेकिन उसमें बहुत सी ऐसी चीजें थीं, जो मैं शामिल नहीं कर पाया था। ऐसे में मैंने सोचा क्यों न फेसबुक पर एक श्रृंखला शुरू की जाए, जिसमें लखनऊ रंगमंच से जुड़ी तमाम तरह की जानकारी लोगों तक पंहुचाई जाए। इसके लिए मैंने सबसे पहले फेसबुक पर एक इंट्रोडक्शन डाला और लोगों की इसमें काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। फिर मैंने यह श्रृंखला शुरू की। इसमें मैं अपनी किताब के साथ साथ जो अलग से जानकारी मिलती जा रही है वो मैं लोगों से साझा कर रहा हूं। इसके लिए मैं अपने घर पर ही रिकॉर्डिंग कर रहा हूं और फेसबुक के साथ अपने यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड कर रहा हूं। लोगो को यह जानकारी बहुत रोचक लग रही है और वह इसे शेयर भी कर रहे हैं।

साल के अंत तक पुस्तक के नए संस्करण को लाने का करूंगा प्रयास

 जो जानकारी मेरी प्रकाशित पुस्तक में नहीं सम्मिलित हो पाई थी, उसका संकलन मेरे द्वारा किया जा रहा है। मेरा प्रयास है कि पूर्व प्रकाशित पुस्तक के नए संस्करण के रूप में इस साल के अंत तक अवश्य निकाल सकूं। इस नई पुस्तक में संगठित और आधुनिक लखनऊ रंगमंच के इतिहास की जानकारी समग्र रुप में  उपलब्ध हो ऐसा प्रयास रहेगा।

 

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