यूपी के हर मंडल में होगा सेफ सिटी परियोजना का विस्तार, तहसील स्तर तक मजबूत होगी अग्निशमन सेवा

अवस्थापना सहित विभिन्न मदों में पहले से अधिक बजट खर्च करने वाले गृह विभाग ने आगामी वर्ष में व्यवस्थाओं को और दुरुस्त करने का फैसला किया है। सेफ सिटी परियोजना को मंडल स्तर तक विस्तार दिया जाना है तो अग्निशमन सेवा को तहसील स्तर पर मजबूत करने की तैयारी है।

Vikas MishraWed, 27 Oct 2021 01:58 PM (IST)
अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा संबंधी कार्यक्रमों को बजट में प्राथमिकता दी गई है।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। अवस्थापना सहित विभिन्न मदों में पहले से अधिक बजट खर्च करने वाले गृह विभाग ने आगामी वर्ष में व्यवस्थाओं को और दुरुस्त करने का फैसला किया है। सेफ सिटी परियोजना को मंडल स्तर तक विस्तार दिया जाना है तो अग्निशमन सेवा को भी तहसील स्तर पर मजबूत करने की तैयारी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 36.97 फीसद अधिक बजट प्रस्तावित किया है। गृह विभाग के कमांड सेंटर में मंगलवार को बजट पर बैठक हुई।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल के सामने अपर पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय बीपी जोगदंड ने पुलिस विभाग के लिए विभिन्न मदों में प्रस्तावित बजट की धनराशि और उसके औचित्य का प्रस्तुतीकरण किया। अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा संबंधी कार्यक्रमों को भी प्रस्तावित बजट में प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश के सभी मंडलों में सेफ सिटी परियोजना का विस्तार करने की योजना है। वहीं, प्रस्तुतीकरण में जोगदंड ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पुलिस विभाग के कुल बजट में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। वर्ष 2017-18 में जहां कुल बजट 16239.92 करोड़ रुपये था, वह बढ़कर 2021-22 में 30105.98 करोड़ रुपये हो गया।

अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। निर्माण कार्यों के बजट में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। एक लाख 43 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की नई भर्ती की गई है, जिसके कारण वेतन व भत्तों के मद में भी इसी के अनुपात में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 में पुलिस विभाग के अनुदान संख्या-26 के तहत 41236 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का व्यय प्रस्तावित किया गया है, जो वर्ष 2021-22 के सापेक्ष 36.97 फीसद अधिक है। प्रस्तावित बजट में तहसील स्तर तक अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने, विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं को जरूरी संसाधनों से लैस करने, निर्माणाधीन यूपी स्टेट इंस्टीट््यूट आफ फोरेंसिक साइंसेज लखनऊ की स्थापना को गति देने के साथ-साथ एसटीएफ, एटीएस एवं अभिसूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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