यूपी की सरकारी नौकरियों में मृतक आश्रितों की नियुक्ति के लिए नियम जारी, जानें- पूरी डिटेल

उत्तर प्रदेश में सेवाकाल के दौरान दिवंगत हुए राज्य कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के लिए अब विभागों में मूल सृजित पदों की संख्या के 10 प्रतिशत से ज्यादा अधिसंख्य पद नहीं सृजित किए जाएंगे।

Umesh TiwariWed, 03 Nov 2021 01:46 PM (IST)
मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली जारी कर दी है।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में सेवाकाल के दौरान दिवंगत हुए राज्य कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के लिए अब विभागों में मूल सृजित पदों की संख्या के 10 प्रतिशत से ज्यादा अधिसंख्य पद नहीं सृजित किए जाएंगे। मृतक आश्रित को दूसरे विभाग में नौकरी देने का निर्णय करने के बारे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी।

मृतक आश्रितों को मूल विभाग में अनुकंपा आधारित नौकरी देने में आ रही कठिनाई को देखते हुए राज्य सरकार ने बीते दिनों फैसला किया था कि ऐसे लोगों को दूसरे विभागों में भी नौकरी दी जा सकेगी। इस फैसले को लागू करने के लिए कार्मिक विभाग ने संशोधित की गई उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली मंगलवार को जारी कर दी है।

संशोधित नियमावली में कहा गया है कि मृतक आश्रितों को नौकरी देने के लिए किसी भी विभाग में मूल सृजित पदों की संख्या के अधिकतम 10 फीसद तक ही अधिसंख्य पद सृजित किये जाएंगे। इस सीमा के बाद भी यदि मृतक आश्रित रह जाते हैं तो उन्हें दूसरे विभागों में नौकरी दी जा सकेगी।

इसके लिए कार्मिक विभाग सभी विभागों से रिक्त पदों का विवरण मांगेगा। रिक्तियों के आधार पर किस मृतक आश्रित को किस विभाग में नौकरी दी जाए, इस पर निर्णय करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति में कार्मिक, वित्त और न्याय विभागों के अलावा संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव भी होंगे।

मृतक आश्रितों को प्राथमिकता पर दें नियुक्ति :  मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक की और समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने मृतक आश्रितों की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर किए जाने के आदेश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मृतक आश्रितों की नियुक्ति में आ रही कठिनाइयों का समय पर निस्तारण किया जाए। ताकि उनके परिवार को अनावश्यक रूप से मुसीबत का सामना न करना पड़े। जेम पोर्टल के माध्यम से आउट सोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए गए कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ शिकायत मिलने पर जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वह कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल बनाएं। वहीं कर्मचारी संगठनों ने निलंबित चल रहे कर्मियों को बहाल किए जाने, महंगाई भत्ते के एरियर का शीघ्र भुगतान किए जाने का मुद्दा भी उठाया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने भरोसा जताया कि कर्मचारियों की मांगें जल्द पूरी होंगी।

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