यूपी से मलेशिया तक हो रही रोहिंग्या महिलाओं की तस्करी, गिरोह के सरगना समेत 4 ATS के हत्थे चढ़े

यूपी में राहिंग्या को अवैध ढंग से बसाने के साथ-साथ रोहिंग्या महिलाओं की तस्करी भी की जा रही है। कई महिलाओं को भारतीय पासपोर्ट पर मलेशिया भेजा गया है। एटीएस ने मेरठ से इस नेटवर्क का संचालन कर रहे सरगना हाफिज शफीक समेत चार रोहिंग्या को गिरफ्तार किया है।

Umesh TiwariFri, 18 Jun 2021 10:04 PM (IST)
उत्तर प्रदेश में अवैध ढंग से बसाने के साथ रोहिंग्या महिलाओं की मलेशिया तक तस्करी भी की जा रही है।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में राहिंग्या को अवैध ढंग से बसाने के साथ-साथ रोहिंग्या महिलाओं की तस्करी भी की जा रही है। कई रोहिंग्या महिलाओं का भारतीय पासपोर्ट बनवाकर उन्हें हवाई जहाज से मलेशिया तक भेजा गया है। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने मेरठ से इस नेटवर्क का संचालन कर रहे सरगना हाफिज शफीक समेत चार रोहिंग्या को गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ में कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि अब तक की छानबीन में तीन रोहिंग्या महिलाओं को मलेशिया भेजे जाने की पुष्टि हुई है। रोहिंग्या को यहां फर्जी दस्तावेजों के जरिये भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र व अन्य सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों की छानबीन भी तेज कर दी गई है।

आइजी एटीएस जीके गोस्वामी के अनुसार मूलरूप से म्यामार निवासी हाफिज शफीक उर्फ शबीउल्लाह, अजीजुर्रहमान उर्फ अजीज, उसके भाई मुफीजुर्रहमान उर्फ मुफीज व मु.इस्माइल को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हाफिज मेरठ से पकड़ा गया। वह मेरठ के खरखौद थानाक्षेत्र के ग्राम अलीपुर में रह रहा था। इसके अलावा मुफीजुर्रहमान को अलीगढ़ से तथा अजीजुर्रहमान व मु.इस्माइल को बुलंदशहर के खुर्जा से पकड़ा गया है। आरोपितों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, यूएनएचसीआर के तीन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक लैपटाप, दो पासपोर्ट की छायाप्रति व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि बांग्लादेश सीमा के जरिये रोहिंग्या को लगातार प्रदेश में लाकर यहां फर्जी दस्तावेजों की मदद से पहचान बदलकर बसाया जा रहा है। आशंका है कि सूबे में 1800 से अधिक रोहिंग्या को अवैध ढंग से लाया गया है। बांग्लादेश के शरणार्थी कैंप से भी रोहिंग्या को ठेके पर प्रदेश के विभिन्न शहरों में लाया जा रहा है।

छानबीन में सामने आया था कि सूबे में हाफिज इस गिरोह की अहम कड़ी है। गिरोह रोहिंग्या को यहां लाने के बाद उन्हें व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नौकरी दिलाता है और उनके वेतन का एक बड़ा हिस्सा बतौर कमीशन वसूलता है। कई रोहिंग्या को फर्जी दस्तावेजों के जरिये भारतीय पासपोर्ट बनवाकर विदेश भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि एटीएस ने एक दिन पूर्व दो रोहिंग्या को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया था। प्रदेश में बीते एक साल में अब तक 17 रोहिंग्या को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों का दावा है कि रोहिंग्या की गिरफ्तारी के मामले में यह किसी भी राज्य की तुलना में सबसे बड़ी संख्या है।

हवाला के जरिये कर रहे लेनदेन : एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि रोहिंग्या के गिरोह मानव तस्करी के साथ-साथ सोने की तस्करी भी कर रहे हैं। गिरोह के सदस्य हवाला के जरिये मोटी रकम का लेनदेन भी कर रहे हैं। इसके साक्ष्य भी मिले हैं। हाफिज के पास से कई रोहिंग्या के भारतीय पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र व जन्म प्रमाणपत्र भी मिले हैं। इस दिशा में भी छानबीन तेज की गई है। हाफिज करीब दो साल से प्रदेश में अपना ठिकाना बनाए था और मेरठ में करीब डेढ़ वर्ष से रह रहा था। इससे पूर्व वह हैदराबाद भी गया था। हाफिज ने अपना पासपोर्ट बनवाया है और विदेश यात्राएं भी की हैं।

जनसंख्या संतुलन बदलने की भी साजिश : उत्तर प्रदेश में जहां रोहिंग्या महिलाओं की पहचान बदलकर उनकी शादी कराई जा रही है, वहीं रोहिंग्या पुरुष भी भारतीय महिलाओं से शादी कर रहे हैं। इसके पीछे रोहग्या को देश के नागरिक के रूप में स्थापित कर जनसंख्या अनुपात को परिवर्तित करने के बड़े खेल को भी नकारा नहीं जा सकता। फर्जी पहचान पत्रों के जरिये रोहिंग्या के भारतीय नागरिक के रूप में स्थापित होने से आंतरिक सुरक्षा के लिए भी बड़े खतरे पैदा हो रहे हैं। पुलिस व खुफिया तंत्र ने इसे लेकर भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है।

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