रेल रोको आंदोलन का उप्र में नहीं दिखा असर, कुछ जगहों पर शांतिपूर्ण धरना; जान‍िए प्रदेशभर का हाल

वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में नहीं दिखा आह्रवान के प्रति उत्साह पुलिस-प्रशासन दिखा मुस्तैद। लखनऊ और आसपास के जिलों में कहीं ट्रेन नही रोकी जा सकी। किसानों को पहले ही रोक लिया गया। कई जगह किसान हिरासत में लिए गए।

Anurag GuptaMon, 18 Oct 2021 10:16 PM (IST)
पश्चिमी उप्र के कुछ जिलों में दो से तीन मिनट तक संचालन प्रभावित।

लखनऊ, जेएनएन। संयुक्त किसान मोर्चा, भाकियू व किसान संगठनों द्वारा रेल रोको आंदोलन के आह्रवान का असर उप्र में नहीं दिखा। शासन की तैयारियों व पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी के चलते सफलता नहीं मिल सकी। कुछ जिलों में प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपकर शांतिपूर्ण धरना दिया। कुछ जिलों में ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। लखनऊ और आसपास के जिलों में कहीं ट्रेन नही रोकी जा सकी। किसानों को पहले ही रोक लिया गया। कई जगह किसान हिरासत में लिए गए। लखीमपुर में कहीं भी ट्रेन नहीं रोकी गई किसान संयुक्त मोर्चा ने पहले ही यह कहा था कि लखीमपुर में यह आंदोलन नहीं होगा। 

देवरिया में रेल रोकने के लिए जा रहे 60 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में सभी को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। वहीं, कानपुर, गोरखपुर वाराणसी व पूर्वांचल के अन्य जिलों में रेल रोको प्रदर्शन को लेकर लोगों में खास उत्साह नहीं दिखा। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण धरना दिया व ज्ञापन सौंपे। मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सुबह सवा 11 बजे से अमृतसर-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन को रोककर धरना-प्रदर्शन किया। इसके चलते पांच घंटे तक दिल्ली-सहारनपुर वाया मेरठ-मुजफ्फरनगर रेलवे लाइन पर ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा।

मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर में भी ट्रेन रोकी गई। बिजनौर में किसानों ने बारिश के बावजूद मौअज्जमपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर धरना दिया। सहारनपुर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने टपरी रेलवे स्टेशन पर धरना दिया। मेरठ में भाकियू ने तीन स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर धरना दिया। हालांकि रेलवे प्रशासन ने इस दौरान ट्रेनों को पिछले स्टेशनों पर ही रोक दिया। गाजियाबाद के मोदीनगर मेें प्रदर्शनकारियों ने सोमवार सुबह 11:25 बजे मोदीनगर स्टेशन पर मालगाड़ी को रोक दिया।

आगरा में आंदोलनकारियों का रेल रोको आह्रवान सफल नहीं हो सका। फिरोजाबाद में रेल रोको आंदोलन फ्लाप रहा। मथुरा में भारतीय किसान यूनियन के टिकैत और अंबावता पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने राया रेलवे स्टेशन पर खड़ी अछनेरा से कासगंज पैसेंजर के इंजन पर चढ़कर प्रदर्शन किए। दो मिनट बाद ही ट्रेन रवाना कर दी गई। वहीं, मुरादाबाद के बिलारी और हकीमपुर में टै्रक पर भाकियू असली और संयुक्त मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक धरना दिया।

आंदोलन रहा शांतिपूर्ण, आज बारावफात की चुनौती

कृषि कानून विरोधी आंदोलन को लेकर सोमवार को रेल रोकने के ऐलान के ²ष्टिगत सोमवार को पुलिस मुस्तैदी के चलते शांति व्यवस्था कायम रही। अब पुलिस के सामने मंगलवार को बारावफात की सुरक्षा-व्यवस्था की चुनौती है। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि सोमवार को सभी जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। अधिकारियों को किसान संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने के निर्देश दिए गए थे। आंदोलन के तहत रेल रोकने की घोषणा के ²ष्टिगत सुरक्षा के कड़े बंदोस्त थे। साथ ही आंदोलन अराजकतत्वों के गड़बड़ी करने की आशंका के चलते भी अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। प्रदेश में कहीं भी गड़बड़ी होने की कोई सूचना नहीं है। सभी जगह शांति-व्यवस्था कायम रही। मंगलवार को बारावफात की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल भी मुस्तैद रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों को भी फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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