उठ भागा मरणासन्न किसान तो बैकफुट पर प्रियंका वाड्रा, हकीकत खुलने के बाद डिलीट किया ट्वीट, देखिये वीडियो...

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ यूपी की हर घटना पर तीखे तीर छोड़ रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा की एक मामले ने किरकिरी करा दी। उन्नाव की ट्रांसगंगा सिटी में बवाल के दौरान जमीन पर पड़े युवक का वीडियो देख उन्होंने सरकार पर लानतें बरसा दीं लेकिन दूसरे वीडियो में वही कथित 'मरणासन्न किसान' पुलिस से बचकर भागता नजर आया तो प्रियंका को थोड़ी देर बाद ही अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा।

ट्रांसगंगा सिटी की जमीन पर उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की टीम कब्जा लेने पहुंची तो वहां किसानों ने बवाल कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर दिया। रविवार को हुए उस वाकये पर सियासत भी गर्मा गई और प्रियंका ने एक वीडियो को सरकार पर हमले का आधार बना लिया। इस वीडियो में एक युवक जमीन पर पड़ा हुआ था और पुलिस आंदोलनकारियों को खदेड़ रही थी।

प्रियंका ने ट्वीट किया कि 'उप्र के मुख्यमंत्री अभी गोरखपुर में किसानों पर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। उनकी पुलिस का हाल देखिए। उन्नाव में किसान लाठियां खाकर अधमरा पड़ा है। उसको और मारा जा रहा है। शर्म से आंखें झुक जानी चाहिए। जो आपके लिए अन्न उगाते हैं, उनके साथ ऐसी निर्दयता?'

इस ट्वीट के कुछ देर बाद ही दूसरा वीडियो भी वायरल हो गया। उसमें दिख रहा है कि युवक पुलिस की लाठियों से बचने के लिए जमीन पर पड़ा था और मौका मिलते ही उठकर दौड़ लगा दी। भाजपा नेताओं ने इस वीडियो को वायरल कर सोशल मीडिया पर प्रियंका के ट्वीट पर टिप्पणी शुरू कर दी। यह देख थोड़ी देर में ही कांग्रेस महासचिव को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा।

उन्नाव में लाठीचार्ज से बढ़ गई राजनीतिक गर्माहट

उन्नाव के ट्रांस गंगा प्रोजेक्ट में बढ़ी दर से भूमि का मुआवजा मांग रहे किसानों पर पुलिस के लाठीचार्ज से राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश की सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा को किसान विरोधी तक करार दे दिया है। ट्विटर पर भी सरकार विरोधी बयानों का सिलसिला तेज हो गया है। बता दें कि उन्नाव जिले की ट्रांस गंगा सिटी में मुआवजे की मांग कर रहे किसानों का आक्रोश शनिवार को निर्माण की तैयारी देख फूट पड़ा था। किसानों ने साइट पर यूपीसीडा के महाप्रबंधक अभियंत्रण को घेर लिया। मजदूरों को भी भगा दिया। बस, कार व जेसीबी में तोड़फोड़ की। जेसीबी चालक घायल हो गया। अफसरों के समझाने की कोशिशों के बीच पथराव शुरू हो गया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पथराव में सीओ सिटी, एएसपी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। लाठीचार्ज में 15 किसान घायल हो गए थे।

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