यूपी के शहीद जवानों के परिवारीजन से वार्ता करेंगी प्रियंका, चंदौली से की शुरुआत

लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले से बेहद आहत हैं। इस हमले में देश के 44 जवान शहीद हुए हैं। इनमें से 12 उत्तर प्रदेश से हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा अब उत्तर प्रदेश के शहीदों के परिवारीजन से वार्ता कर उनको सांत्वाना देंगी। आज उन्होंने चंदौली के सपूत अवधेश कुमार यादव शहीद के पिता से फोन पर वार्ता करने के साथ उनको ढांढस बंधाया है।

शहीद अवधेश कुमार यादव के पिता से वार्ता के दौरान प्रियंका गांधी ने अपनी संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस गहरे संकट और दुख की घड़ी में हम आपके साथ हैं। आपके पुत्र ने देश की रक्षा की खातिर अपने प्राणों की बलि दी है। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

प्रियंका गांधी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में मैं देश तथा प्रदेश के ही शहीद के परिवार के साथ हूं। गुरुवार को इस घटना के दौरान प्रियंका गांधी लखनऊ में ही थीं। शाम को प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में भाजपा के विधायक अवतार सिंह भड़ाना के साथ दिग्गज नेता रामलाल राही प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए थे। इनके कांग्रेस में शामिल होने पर प्रियंका गांधी को मीडिया को संबोधित करना था, लेकिन पुलवामा की इस घटना के कारण उन्होंने सिर्फ दौ मिनट का मौन रखा और भड़ाना व राही के कांग्रेस में शामिल होने की जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं की। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद एक बयान जारी कर आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए।

प्रियंका ने कहा कि मैं इस आतंकवादी हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारों से कहना चाहती हूं कि इस दुख की घड़ी में एक-एक देशवासी आपके साथ खड़ा है। हमें बहुत दुख हुआ है। आप हौसला बनाये रखें। हम आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। प्रियंका ने बयान में कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के हाथों अब तक शहीद हुए दर्जनों जवानों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं, दुख प्रकट करती हूं। उनके परिवारों की वेदना मैं अच्छी तरह समझती हूं। मैं जानती हूं इस शोक की घड़ी में सांत्वना के शब्द पर्याप्त नहीं होते, फिर भी शहीद परिवार के पीछे न केवल कांग्रेस बल्कि पूरा देश खड़ा है। उन्होंने कहा है कि जम्मू कश्मीर में आए दिन हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, जो गहरी चिंता का विषय है। मैं सरकार से मांग करती हूं कि इन घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। 

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