यूपी में कमाई का जरिया न बन सके प्रीमियम रिटेल वेंड शाप व होम बार, लाइसेंस लेने के लिए किया जाएगा प्रेरित

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लोगों को शराब दुकानों का लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित करने के साथ ही होटल बार और बार रेस्टोरेंट सभी मामलों को जल्द निस्तारित करें। इसके साथ ही बीयर बनाने वाली छोटी इकाइयों की संख्या बढ़ाने की फैसला किया गया है।

Umesh TiwariFri, 24 Sep 2021 10:57 PM (IST)
शापिंग माल में विदेशी और अंग्रेजी शराब की दुकानें की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग ने कोरोना काल में 'कमाई' करने का हर जतन किया। शराब दुकानों का लाइसेंस लेने वालों को सहूलियत देने के साथ ही आबकारी नीति में ऐसे नियम बनाए जिससे लोग आकर्षित हों, ताकि राजस्व बढ़े। विभाग के ये प्रयास परवान नहीं चढ़ सके हैं। स्थिति यह है कि वित्तीय वर्ष के छह माह गुजरने को हैं लेकिन, बीयर बनाने वाली छोटी इकाइयों (माइक्रो ब्रेवरीज), होमबार और प्रीमियम रिटेल वेंड शाप का लाइसेंस लेने के लिए उम्मीद के मुताबिक लोग आगे नहीं आए हैं।

अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने माना कि नोएडा, गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ और आगरा में कुल 11 माइक्रो ब्रिवरीज ही अब तक लगाये जा सके हैं। प्रीमियम रिटेल वेंड शाप और होम बार लाइसेंस भी बहुत कम लिए गए हैं। विभागीय मासिक वर्चुअल समीक्षा बैठक में भूसरेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लोगों को लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित करने के साथ ही होटल, बार और बार रेस्टोरेंट सभी मामलों को जल्द निस्तारित करें। इसके साथ ही बीयर बनाने वाली छोटी इकाइयों की संख्या बढ़ाने की फैसला किया गया है। शापिंग माल में विदेशी और अंग्रेजी शराब की दुकानें की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

अवैध शराब बनाने, बेचने और तस्करी पर कड़ाई से अंकुश लगाएं। उन्होंने काम न करने वाले अधिकारी व कार्मिकों के विरुद्ध रिपोर्ट करने का भी निर्देश दिया, साथ ही अधिकारियों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा भी दिलाया। आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन सी. ने बताया कि अगस्त में तय लक्ष्य के सापेक्ष 88.7 प्रतिशत राजस्व मिला है। उन्होंने प्रवर्तन कार्य में हीला-हवाली बरतने पर 10 जिलों के अफसरों को चेतावनी दी। आबकारी आयुक्त ने उप आबकारी आयुक्तों को उनके प्रभार के सबसे निचले पायदान पर रहने वाले जिलों का नोडल बनाये जाने का निर्देश संयुक्त आबकारी आयुक्त जोन को दिया। यह भी निर्देश दिया कि नोडल के रूप में उप आबकारी आयुक्त संबंधित जिलों के राजस्व प्राप्ति व प्रवर्तन कार्यों की नियमित समीक्षा करेंगे।

नदियों के कछार इलाकों में अवैध कच्ची शराब बनाये जाने वाले अड्डों व इंडस्ट्रियल एरिया में नकली शीशी, ढक्कन आदि बनाये जाने की फैक्ट्रियों, बहुत दिनों से बंद पड़े स्थानों तथा कोल्ड स्टोरेज को लगातार चेक करने के भी निर्देश दिए। आयुक्त ने पश्चिमी जिलों के बार्डर पर अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश के लिए चौकस रहने का निर्देश दिए। बैठक में विशेष सचिव आबकारी के साथ ही संयुक्त आबकारी आयुक्त ईआईबी, संयुक्त आबकारी आयुक्त लखनऊ उप आबकारी आयुक्त वितरण, उत्पादन, लाइसेंस व लखनऊ और टास्क फोर्स के अधिकारी उपस्थित रहे।

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