यूपी में माध्यमिक कालेजों के कायाकल्प की नीति जल्द, कैबिनेट की मुहर के बाद होगा धनावंटन

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के बाद अब प्रदेश के माध्यमिक कालेजों का भी जल्द कायाकल्प होगा। 4512 एडेड व 2272 राजकीय माध्यमिक कालेजों में मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त की जाएंगी। सरकार इसके लिए बजट घोषित कर चुकी है।

Vikas MishraTue, 28 Sep 2021 08:56 AM (IST)
सरकार माध्यमिक कालेजों में शिक्षकों की तैनाती के साथ ही मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना चाहती है।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के बाद अब प्रदेश के माध्यमिक कालेजों का भी जल्द कायाकल्प होगा। 4512 एडेड व 2272 राजकीय माध्यमिक कालेजों में मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त की जाएंगी।सरकार इसके लिए बजट घोषित कर चुकी है। धन पाने के लिए कौन कालेज पात्र होंगे व अन्य व्यवस्थाएं नई नीति में तय हो गई हैं। नीति पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद धन का आवंटन होगा। अगले माह यह प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है, ताकि इसी वित्तीय वर्ष में कार्य पूरा हो जाए। 

प्रदेश सरकार माध्यमिक कालेजों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की तैनाती के साथ ही कालेजों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना चाहती है। इधर, राजकीय माध्यमिक कालेजों में पांच हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी हैं इसी तरह से एडेड कालेजों में भी 2016 भर्ती के खाली पदों पर नियुक्तियां की गई हैं, जबकि नई भर्ती के तहत एडेड कालेजों को अगले महीनों में करीब 15 हजार से अधिक शिक्षक मिलेंगे। सरकार राजकीय कालेजों के शिक्षकों को वेतन व अन्य सुविधाओं के लिए बजट देती रहती है, लेकिन एडेड कालेजों में शिक्षकों को वेतन के अलावा सुविधाएं देने की जिम्मेदारी कालेज प्रबंधन की है, इसलिए कई कालेजों में सुविधाएं बदतर स्थिति में हैं।

शासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने हर जिले से कालेजों में उपलब्ध संसाधनों के संबंध में सूचनाएं मांगी, इसमें यह भी कहा गया कि 70 साल पुराने कालेजों के संबंध में भी रिपोर्ट दी जाए।

कालेजों में जर्जर भवन, पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी, रंगाई-पुताई व फर्नीचर आदि समस्याएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में दो सितंबर को कैबिनेट ने अशासकीय सहायताप्राप्त कालेजों में अवस्थापना सुविधाएं बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैैं। इसी तरह राजकीय कालेजों को भी धन आवंटित हो चुका है। यह धन किन कालेजों को और किस कार्य के लिए दिया जाना है, इसकी माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नीति तैयार की है। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, अब कैबिनेट की मुहर लगने का इंतजार हो रहा है। तैयारी है कि अगले माह कालेजों को धन आवंटित कर दिया जाए, ताकि इसी वित्तीय वर्ष में संबंधित कार्य पूरे कर लिए जाएं।

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