लखनऊ जेल में पीएफआइ सदस्योंं से मिलने पहुंचीं चार महिलाओं को पुलिस ने पकड़ा, आइडी और दस्तावेजों की जांच शुरू

जेल में बंद पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) के सदस्य बदरुद्दीन और फिरोज से चार महिलाएं कोविड की फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर पहुंची थी। जेलर अजय राय की सतर्कता से मामला पकड़ा गया। जिसके बाद महिलाओं को गोसाईगंज पुलिस के सिपुर्द कर दिया गया।

Vikas MishraSun, 26 Sep 2021 10:29 PM (IST)
जेलर अजय राय ने बताया कि 23 सितंबर को दोनों बंदियों की पेशी थी।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। जेल में बंद पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) के सदस्य बदरुद्दीन और फिरोज से चार महिलाएं कोविड की फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर पहुंची थी। जेलर अजय राय की सतर्कता से मामला पकड़ा गया। जिसके बाद महिलाओं को गोसाईगंज पुलिस के सिपुर्द कर दिया गया। गोसाईगंज पुलिस पकड़ी गई महिलाओं के पास से मिली आइडी, दस्तावेजों और आरटीपीसीआर रिपोर्ट की जांच कर रही है।

जेल प्रशासन के मुताबिक एटीएस ने बीते फरवरी माह में कश्मीर निवासी बदरुद्दीन और फिरोज को विस्फोटक सामग्री के साथ पकड़ा था। गिरफ्तारी के बाद दोनों को जेल में दाखिल किया गया था। दोनों पीएफआइ के सदस्य हैं। रविवार को जेलर अजय राय ड्यूटी पर थें। उन्होंने बताया कि सुबह चार महिलाएं बंदियों से मिलने के लिए पहुंची थीं। उन्होंने मिलाई पर्ची के साथ आरटीपीसीआर रिपोर्ट और आइडी भेजी। चूंकि दोनों बंदी पीएफआइ के सदस्य थे। इस लिए उनकी मिलाई को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही थी। चारों आरटीपीसीआर रिपोर्ट गुड़गांव की एक लैब की थीं। लैब को फोन करके एक रिपोर्ट के बारे में जानकारी की गई। रिपोर्ट का नबंर बताया गया। इसके बाद लैब के कर्मचारी ने चारों रिपोर्ट मेल पर मांगी। चारों रिपोर्ट लैब की आइडी पर मेल की गई। कुछ देर बाद वहां के कर्मचारी ने वापस फोन करके बताया कि एक रिपोर्ट का सैंपल उनकी लैब में आया था। बाकी की रिपोर्ट का नहीं और न ही लैब से कोई रिपोर्ट जारी की गई है। जेलर ने मामले की जानकारी वरिष्ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी को दी। इसके बाद गोसाईगंज पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पहुंची चारों महिलाओं को लेकर थाने चली गई। 

कमिश्नर के अलर्ट के बाद बरती गई विशेष सतर्कता, जिससे पकड़ी गई महिलाएंः जेलर अजय राय ने बताया कि 23 सितंबर को दोनों बंदियों की पेशी थी। इसके पहले पुलिस कमिश्नर का अलर्ट आया था कि दोनों बंदियों को कोर्ट में भौतिक रूप से पेश कराे जाने पर कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। दोनों बंदियों के रख-रखाव को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए। जेलर ने बताया कि अलर्ट के बाद दोनों बंदियों को कोर्ट में नहीं पेश किया गया था। सुरक्षा को लेकर सभी जेल कर्मियों को भी अलर्ट कर दिया गया था। इस बीच जब महिलाएं उनसे मिलने आयीं तो उनकी भी गहनता से पड़ताल की गई। जिससे उनकी फर्जी रिपोर्ट पकड़ी। 

महिलाओं के पास से आरटीपीसीआर फर्जी मिली है। जेलर की तहरीर पर महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उनके अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी। -श्वेता चौधरी, एसीपी गोसाईगंज

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