स्वामित्व योजना : कोरोना ने दूर किया मालिकाना हक का सपना, अब तक 21,642 गांवों में ही हुआ ड्रोन सर्वे

PM Swamitva Yojana पंचायती राज मंत्रालय की इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में ड्रोन के जरिये हवाई सर्वेक्षण के लिए 82913 गांव अधिसूचित किए गए हैं। इनमें से 11550 गांव ऐसे हैं जो गैर आबाद हैं या जिनमें किन्हीं अन्य कारणों से सर्वे नहीं हो सकता है।

Umesh TiwariMon, 14 Jun 2021 06:00 AM (IST)
स्वामित्व योजना के तहत अब तक 21,642 गांवों में ही हुआ ड्रोन सर्वे।

लखनऊ [राजीव दीक्षित]। गांवों में रहने वाले लोगों को उनकी आवासीय संपत्तियों का मालिकाना हक दिलाने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की रफ्तार पर कोरोना महामारी ने ब्रेक लगा दिया है। उत्तर प्रदेश में अब तक 2005 गांवों के निवासियों को ही ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) का वितरण किया जा सका है। ऐसे में बाकी गांवों के लोगों को अपनी रिहायशी संपत्ति का स्वामित्व प्रमाणपत्र पाने के लिए इंतजार करना होगा।

केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में ड्रोन के जरिये हवाई सर्वेक्षण के लिए 82,913 गांव अधिसूचित किए गए हैं। इनमें से 11,550 गांव ऐसे हैं, जो गैर आबाद हैं या जिनमें किन्हीं अन्य कारणों से सर्वे नहीं हो सकता है। इस तरह 71,363 अधिसूचित गांव ऐसे हैं, जिनमें सर्वे हो सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल, 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर स्वामित्व योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय संपत्तियों का ड्रोन के जरिये हवाई सर्वेक्षण का कार्य देश में पिछले साल जुलाई में बाराबंकी के पांच गांवों से शुरू हुआ था। हवाई सर्वेक्षण का कार्य भारतीय सर्वेक्षण विभाग करा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले चरण में 11 अक्टूबर, 2020 को प्रदेश के 346 गांवों के लोगों को घरौनी का आनलाइन वितरण किया था। तय हुआ था कि मार्च 2021 तक प्रदेश के 54 हजार गांवों में ड्रोन के जरिये हवाई सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके सापेक्ष बीती आठ जून तक 21,642 गांवों में ही ड्रोन सर्वे पूरा किया जा सका है। प्रदेश में फिलहाल हवाई सर्वेक्षण का कार्य 49 ड्रोन टीमें कर रही है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना आपदा की वजह से योजना का काम प्रभावित हुआ है। कोरोना संक्रमण के कारण राजस्व विभाग का अमला आपदा राहत कार्यों में व्यस्त हो गया। पंचायत चुनाव ने उसकी व्यस्तता और बढ़ा दी। बड़े पैमाने पर राजस्व विभाग के कार्मिकों के कोरोना संक्रमित होने के कारण भी काम की रफ्तार सुस्त हुई।

कब-कितने गांवों में बंटी घरौनी

तारीख : गांवों की संख्या 11 अक्टूबर 2020 : 346 25 दिसंबर 2020 : 231 12 फरवरी 2021 : 1001 24 अप्रैल 2021 : 427

 

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