पीएम नरेन्द्र मोदी आज पूरा करेंगे पूर्वांचल का सपना, खाद कारखाना व एम्स समेत 9650 करोड़ का देंगे उपहार

PM Narendra Modi Gorakhpur Visit प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को पूर्वांचल का बहु प्रतीक्षित सपना पूरा करेंगे। वह गोरखपुर में 9650 करोड़ की लागत से बने खाद कारखाने एम्स और आरएमआरसी की नौ बीएसल-टू प्लस लैब का लोकार्पण करेंगे।

Umesh TiwariPublish:Mon, 06 Dec 2021 10:05 PM (IST) Updated:Tue, 07 Dec 2021 09:05 AM (IST)
पीएम नरेन्द्र मोदी आज पूरा करेंगे पूर्वांचल का सपना, खाद कारखाना व एम्स समेत 9650 करोड़ का देंगे उपहार
पीएम नरेन्द्र मोदी आज पूरा करेंगे पूर्वांचल का सपना, खाद कारखाना व एम्स समेत 9650 करोड़ का देंगे उपहार

लखनऊ, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को पूर्वांचल का बहु प्रतीक्षित सपना पूरा करेंगे। वह गोरखपुर में 9650 करोड़ की लागत से बने खाद कारखाने, एम्स और आरएमआरसी की नौ बीएसल-टू प्लस लैब का लोकार्पण करेंगे। खाद कारखाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी बटन दबाएंगे और साढ़े 31 साल बाद गोरखपुर में फिर से यूरिया का उत्पादन होने लगेगा। इस कारखाने को शुरू कराने के लिए सांसद के रूप में लगातार संघर्ष करने वाले योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यमंत्री उनके साथ होंगे। 8606 करोड़ रुपये की लागत वाले हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के इस कारखाने में प्रति वर्ष 12.7 लाख टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा। इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 20 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।

गोरखपुर में फर्टिलाइजर के नाम से मशहूर खाद कारखाना 20 अप्रैल, 1968 को शुरू हुआ था। अमोनिया रिसाव होने और मशीनें न बदले जाने के कारण यह कारखाना 10 जून, 1990 को बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे शुरू कराने के लिए 18 साल तक संघर्ष किया और लगभग हर सत्र में इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया। उनके प्रयासों को आकार मिला और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जुलाई, 2016 को खाद कारखाने का शिलान्यास किया। 2018 में निर्माण शुरू होने के बाद अब खाद कारखाना बनकर तैयार है।

नीम कोटेड यूरिया से फसल उत्पादन में होने वाली बढ़ोतरी किसानों को समृद्ध करेगी। लगभग 20 हजार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर हासिल होंगे। इस खाद कारखाने से उत्तर प्रदेश के साथ पड़ोसी राज्यों को भी उवर्रक की आपूर्ति की जाएगी। खाद कारखाने के साथ ही प्रधानमंत्री 1011 करोड़ रुपये से बने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और 36 करोड़ की लागत वाली क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) की नौ बायोसेफ्टी लेवल (बीएसएल) टू प्लस लैब भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 750 बेड और 14 आपरेशन थियेटर वाले एम्स से पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ बिहार और नेपाल के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।