चेस्ट सीटी सीवियारिटी का Score पांच से ज्यादा होने पर भी COVID पॉजिटिव, विशेषज्ञों की नई गाइडलाइन

कोरोना की दूसरी लहर में लगातार संक्रामक हो रहा कोरोना अपना स्वरूप बदला है।

विशेषज्ञाें के अनुसार 30 फीसद मरीज आरटीपीसीआर निगेटिव होने पर भी गंभीर ऑक्सीजन स्तर गिरने के बावजूद ऐसे मरीज ना तो नॉन कोविड में इलाज पा रहे और ना ही कोविड अस्पताल में। देश के डॉक्टरों व वैज्ञानिकों के सामने यह मरीज नई चुनौती बने हैं।

Rafiya NazMon, 12 Apr 2021 12:32 PM (IST)

लखनऊ [धर्मेंद्र मिश्रा]। दूसरी लहर में लगातार संक्रामक हो रहा कोरोना अपना स्वरूप बदल कर आरटीपीसीआर जांच समेत एंटीजन व ट्रूनेट टेस्ट को भी चकमा दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार लखनऊ समेत देशभर में करीब 25 से 30 फीसद मरीज ऐसे भी सामने आ रहे हैं, जिनकी आरटीपीसीआर से लेकर अन्य कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ रही हैं। साथ ही उनमें ऑक्सीजन स्तर गिरने से लेकर कोरोना के अन्य सभी लक्षण विद्यमान हैं। मगर ऐसे मरीजों का ना तो नॉन कोविड में सही से इलाज हो पा रहा है और ना ही निगेटिव होने के चलते वह कोविड अस्पताल में ही भर्ती हो पा रहे हैं। देश के डॉक्टरों व वैज्ञानिकों के सामने यह मरीज नई चुनौती बने हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मरीजों का चेस्ट सीटी स्कैन सीवियारिटी स्कोर ( थोरैक्स सीटी) कोरेड्स यदि पांच से अधिक है तो कोविड पॉजिटिव मानकर ही उन्हें उपचार दिया जाना चाहिए।

केजीएमयू में पल्मोनरी एंड क्रिटिकल मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश कहते हैं कि मेरे पास भी कई ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव है। बावजूद उनमें कोरोना के सारे लक्षण हैं। करीब 25 से 30 फीसद ऐसे मरीज हो सकते हैं, जिनका ऑक्सीजन स्तर तेज़ी से नीचे गिर रहा है। फेफड़ों में भी कोविड जैसा ही संक्रमण है। ऐसे मरीजों में हाई रिजोल्यूशन सीटी स्कैन (एचआरसीटी) किया जाना चाहिए। चेस्ट सीटी स्कैन सीवियारिटी स्कोर कोरेड्स(कोविड-19 रिपोर्ट एंड डेटा एनालिसिस सिस्टम) यदि 5 से ज्यादा है तो उसे कोविड-19 मानकर चलना चाहिए और उसी प्रोटोकॉल के तहत ऐसे मरीजों को कोविड पॉजिटिव से अलग रखकर इलाज किया जाना चाहिए। 

लोहिया संस्थान के प्रो डॉ भुवन चंद्र तिवारी कहते हैं कि काफी मरीजों में रिपोर्ट निगेटिव होने के बावजूद कोविड जैसा संक्रमण है। इन्हें समय पर इलाज मिलना चाहिए।क्या है चेस्ट सीटी स्कैन सीवियारिटी स्कोर: इससे मरीजों में कोविड-19 से फेफड़ों में होने वाले संक्रमण की स्थिति का पता चलता है। यदि किसी मरीज का चेस्ट सीटी स्कैन सीवियारिटी (कोरेड्स) स्कोर पांच से कम है तो इसका मतलब है उसके फेफड़े ठीक काम कर रहे हैं। मगर कोरोना का संक्रमण होने पर ऐसे मरीजों में निमोनिया भी हो जाता है। कोविड निमोनिया होने पर यह स्कोर पांच से ऊपर चला जाता है। कई मरीजों के फेफड़ों में तो इतना घातक संक्रमण हो जाता है कि उनका चेस्ट सीटी स्कैन सीवियारिटी स्कोर 25 तक भी पहुंच जाता है। ऐसे मरीजों की फिर जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

क्या बरतें सावधानी: गले में दिक्कत महसूस होने पर भाप लें व गुनगुने नामक-पानी से गार्गल करें।-खुद को आइसोलेट कर लें व कोविड जांच कराएं-फ्रीज़ में रखी वस्तुएं या अन्य ठंडी वस्तुएं नहीं खाएं।-जो पहले से सांस के मरीज हैं व इन्हेलर ले रहे हैं, उसे नियमित लेते रहें।-रिपोर्ट निगेटिव आने व एक्सरे में स्पष्टता नहीं होने पर लापरवाही नहीं बरतें, बल्कि अपना चेस्ट सीटी स्कैन कराएं।

 

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