ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर उत्तर प्रदेश की सभी सीमा पर सतर्कता, जीनोम सीक्वेंसिंग होगी तेज

Omicron Variant कर्नाटक के बाद हैदराबाद में मिले ओमिक्रोन वैरिएंट के कारण सर्वाधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश में अतिरिक्त सर्तकता बरती जा रही है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की पुष्टि होने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सीमाओं पर व्यवस्था को काफी चाक-चौबंद कर दिया है।

Dharmendra PandeyPublish:Fri, 03 Dec 2021 05:41 PM (IST) Updated:Sat, 04 Dec 2021 07:16 AM (IST)
ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर उत्तर प्रदेश की सभी सीमा पर सतर्कता, जीनोम सीक्वेंसिंग होगी तेज
ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर उत्तर प्रदेश की सभी सीमा पर सतर्कता, जीनोम सीक्वेंसिंग होगी तेज

लखनऊ, जेएनएन। दक्षिण अफ्रीका सहित करीब एक दर्जन देशों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार भी काफी सतर्क है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की सभी सीमाओं पर सतर्कता बरती जा रही है। इसके साथ ही लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई तथा केजीएमयू में जीनोम सीक्वेंसी की रफ्तार भी तेज कर दी गई है।

कर्नाटक के बाद हैदराबाद में मिले ओमिक्रोन वैरिएंट के कारण सर्वाधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश में अतिरिक्त सर्तकता बरती जा रही है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की पुष्टि होने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सीमाओं पर व्यवस्था को काफी चाक-चौबंद कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन के साथ ही बस स्टेशन पर यात्रियों की जांच के निर्देश की जा रही है। कोरोना वायरस संमक्रण काल में प्रबंधन में अव्वल उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की पहली लहर में कम समय में जांच की रफ्तार को बढ़ाया था। अब प्रदेश में प्रतिदिन ढाई लाख से अधिक आरटीपीआर जांच हो रही है।

ओमिक्रोन वैरिएंट को देखते हुए अब प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग की रफ्तार को भी बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई के साथ केजीएमयू में जीनोम परीक्षण को तेज करने के निर्देश दिए हैं। इन दो संस्थान के अलावा प्रदेश में बीएचयू, सीडीआरआई,आईजीआईबी, राम मनोहर लोहिया संस्थान, एनबीआरआई में नए वैरिएंट की जांच जरूरत पडऩे पर की जा सकती है। लखनऊ के एनबीआरआई में कोरोना की पहली लहर के बाद ही नए वैरिएंट की जांच शुरू की थी। जिसमें 45 सैंपल जांचे गये थे।

अब संभावित तीसरी लहर को देखते बीएचयू, केजीएमयू, सीडीआरआई व आईजीआईबी में नए वैरिएंट के जीनोम परीक्षण की प्रक्रिया की जा सकती है। जिससे प्रदेश में तीसरी लहर में भी जांच प्रक्रिया रफ्तार पकड़ेगी।

फोकस टेस्टिंग का बढ़ेगा दायरा

स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. वेद व्रत सिंह के मुताबिक प्रदेश में फोकस टेस्टिंग के दायरे को बढ़ाते हुए स्क्रीनिंग, सर्विलांस, जांच को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बीएसएल-2 आरटीपीसीआर प्रयोगशालाओं का संचालन किया जा रहा है।