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उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी NCC कैडेट्स की संख्या, अब प्राइवेट स्कूल भी शुरू कर सकेंगे एनसीसी कोर्स

देश की सेना का एक प्रवेश द्वार माने जाने वाले नेशनल कैडेट कोर

NCC in Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश में एक लाख 50 हजार से अधिक कैडेट्स हैं। अब इनकी संख्या जल्दी ही दोगुनी हो जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूल्स को नेशनल कैडेट कोर कोर्स शुरू करने की इजाजत दे दी है।

Dharmendra PandeyTue, 18 May 2021 04:18 PM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के एक कदम से उत्तर प्रदेश में अब हर वर्ष बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स को देश तथा प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिलेगा। रक्षा मंत्रालय ने देश के साथ ही उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूल में भी अब एनसीसी कैडेट्स का कोर्स शुरु करने को हरी झंडी दे दी है। उत्तर प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को भी पूर्ण स्ववित्तपोषित योजना के तहत न सिर्फ एनसीसी कोर्स शुरू करने की अनुमति दी गई है, बल्कि पूर्ण स्व-वित्तपोषित योजना के तहत एनसीसी में 4000 जूनियर डिवीजन/ विंग रिक्तियों का भी आवंटन कर दिया है।

देश की सेना का एक प्रवेश द्वार माने जाने वाले नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) में उत्तर प्रदेश में एक लाख 50 हजार से अधिक कैडेट्स हैं। अब इनकी संख्या जल्दी ही दोगुनी हो जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूल्स को नेशनल कैडेट कोर कोर्स शुरू करने की इजाजत दे दी है। केंद्र सरकार का यह बड़ा कदम उत्तर प्रदेश में एनसीसी की गतिविधियों का अधिक विस्तार करने में बड़ी ही मदद देगा। उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय के अपर महानिदेशक मेजर जनरल राकेश राणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के स्कूलों में सीमित रिक्तियों के चलते एनसीसी का और कोर्स शुरू नहीं हो पा रहा था। लम्बे समय से प्रदेश के कई स्कूलों की लंबित मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे प्रदेश को बड़े पैमाने पर लाभ होगा।

एनसीसी राष्ट्र के निर्माण में बड़ी भूमिका अदा करती है। रक्षा मंत्रालय के इससे फैसले से उन्हेंं न केवल राष्ट्र निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा बल्कि छात्र-छात्राओं को एनसीसी का 'ए' प्रमाण पत्र प्राप्त करने के अलावा पेशेवर कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए भी काफी लाभ होगा। सभी कैडेटों को बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण और विभिन्न सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास गतिविधियों में भाग लेने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शिविर, ट्रेक, पर्वतारोहण पाठ्यक्रम, नेतृत्व विकास कैप्सूल में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही जो भी स्कूल पूरी तरह से स्व-वित्तपोषण योजनाओं में आउट ऑफ टर्न आवंटन के इच्छुक हैं, वह निकटतम एनसीसी कार्यालय से सम्पर्क कर प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

एनसीसी निदेशालय, लखनऊ में एनसीसी की पूर्ण स्ववित्तपोषित योजना के कोआर्डिनेटर कर्नल एके सिंह ने बताया कि पहले सरकारी स्कूलों में एनसीसी कोर्स के लिए आने वाले सारे खर्च का वहन एनसीसी निदेशालय करता था। अब इस पूर्ण स्ववित्तपोषित योजना के तहत निजी स्कूल अपने खर्च पर एनसीसी कोर्स को शुरू कर सकते हैं। इस कोर्स को शुरू करने के इच्छुक स्कूलोंं के किसी टीचर को पहले एनसीसी के दो महीने का एसोसिएट एनसीसी आफिसर कोर्स कराया जायेगा। महिला टीचर को यह कोर्स ग्वालियर और पुरूष टीचर को कामटी, नागपुर एनसीसी आफिसर एकेडमी में कराया जायेगा। इसके साथ ही संबंधित स्कूल को एनसीसी के कैंप, प्रशिक्षण, ड्रिल, फायरिंग और अभ्यास जैसी अन्य गतिविधियों के लिए रिटायर्ड सैनिक या फिर एनसीसी के 'सी' सर्टिफिकेट होल्डर की नियुक्ति करनी होगी। इतना ही नहीं समय-समय पर एनसीसी के अफसर भी ट्रेनिंग और सहयोग देने के साथ मार्गदर्शन भी करेंगे। इन सबका खर्च संबंधित निजी स्कूल को ही वहन करना होगा। एनसीसी कोर्स की परीक्षा और प्रमाण पत्र देने का कार्य एनसीसी निदेशालय ही करेगा। इस दौरान एनसीसी कोर्स के लिए प्रति छात्र पर कुल सिर्फ करीब सात से आठ हजार का ही व्यय होता है।  

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