अब उत्‍तर प्रदेश में शुरू होगा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का पंजीकरण, देना होगा इनता शुल्‍क

श्रम विभाग ने जारी किया शासनादेश, एक हफ्ते में पोर्टल तैयार करने का निर्देश।

पंजीकरण के लिए 10 रुपये एक बार अंशदान के लिए 50 रुपये प्रतिवर्ष देने होंगे। श्रम विभाग ने जारी किया शासनादेश एक हफ्ते में पोर्टल तैयार करने का निर्देश। असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पंजीकरण के लिए 45 प्रकार के कर्मकारों को चिन्हित किया गया है।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 10:22 AM (IST) Author: Divyansh Rastogi

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 के तहत प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों का पंजीकरण शुरू करने का निर्देश दिया है। श्रमिकों के पंजीकरण की व्यवस्था ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से की जाएगी। प्रदेश के सभी अपर/उप/सहायक श्रमायुक्त/श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालयों में ऑनलाइन व ऑफलाइन पंजीकरण की कार्यवाही की जाएगी। श्रम विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। 

असंगठित कर्मकारों के पंजीकरण के लिए 10 रुपये एक बार, अंशदान के लिए 50 रुपये प्रतिवर्ष तथा पहचान पत्र की दूसरी प्रति लेने के लिए 10 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। पंजीकरण और नवीनीकरण के मद में प्राप्त होने वाली धनराशि उप्र असंगठित कर्मकार कल्याण निधि में जमा करायी जाएगी।

ऑफलाइन प्राप्त आवेदनों को विभागीय पोर्टल पर दर्ज करने के बाद पंजीकरण की कार्यवाही की जाएगी। श्रमिकों के पंजीकरण के लिए उप्र राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड को एक हफ्ते के अंदर वेबसाइट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार से पंजीकरण मॉड्यूल प्राप्त होने पर उप्र राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड को पंजीकृत कामगारों के आंकड़ों को उससे इंटीग्रेट करना होगा। असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पंजीकरण के लिए 45 प्रकार के कर्मकारों को चिन्हित किया गया है। पंजीकृत श्रमिकों का पहचान पत्र उप्र असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा नियमावली, 2016 में दी गई व्यवस्था के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा। 

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