अब KGMU की ओपीडी 12 बजे तक होगा पंजीकरण, इलाज के लिए के लिए Covid-19 जांच जरूरी नहीं

केजीएमयू में किसी भी मरीज को दिखाने के लिए उसके तीमारदार की कोविड-19 जांच जरूरी नहीं होगी।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की ओपीडी में अब पहले की तरह सुबह 830 बजे से दोपहर 1200 बजे तक ऑफलाइन पंजीकरण किए जाएंगे। यहां अब किसी भी पुराने पंजीकृत मरीज को बिना इलाज के लौटाया नहीं जाएगा।

Rafiya NazSat, 27 Feb 2021 07:20 PM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में मरीजों के लिए राहत की खबर है। कोरोना के घटते हुए मामलों को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने ओपीडी के मरीजों को कुछ रियायत दी है। ओपीडी में अब पहले की तरह सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक ऑफलाइन पंजीकरण किए जाएंगे। यहां अब किसी भी पुराने पंजीकृत मरीज को बिना इलाज के लौटाया नहीं जाएगा। सभी पुराने मरीजों को ओपीडी में इलाज मिलेगा। अब किसी भी मरीज को दिखाने के लिए उसके तीमारदार की कोविड-19 जांच जरूरी नहीं होगी। 

इससे मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें आसान हो जाएंगी।

लॉकडाउन में ज्यादातर ओपीडी बंद कर दी गई थी। बाद में कॉर्डियोलॉजी, मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग समेत अन्य विभागों की ओपीडी में मरीज देखे जाने लगे थे। अब ओपीडी सुविधाओं को सामान्य किया जा रहा है। प्रत्येक सुपर स्पेशियालिटी विभाग में 50 नए मरीज देखे जाएंगे। इनका पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से होगा। यदि ऑनलाइन में पंजीकरण कम हुए हैं तो ऑफलाइन ओपीडी में पर्चा बनवाने वाले मौजूद मरीजों को देखा जाएगा। सुपर स्पेशियालिटी में रोज 200 पुराने रोगी देखे जाएंगे। इनमें 100 का पंजीकरण ऑनलाइन और 100 का ऑफलाइन पंजीकरण होगा। पहले केजीएमयू में रोजाना 10,000 से अधिक मरीजों की ओपीडी हुआ करती थी, लेकिन मौजूदा समय में आधे से भी कम संख्या में मरीज देखे जा रहे हैं। कुछ समय पहले सीएम योगी ने केजीएमयू समेत अन्य संस्थानों को फुल फ्लैश ओपीडी शुरू करने का निर्देश दिया था। 

 

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