अब लखनऊ के किसान करेंगे गोमती नदी का संरक्षण, कृषि विभाग ने तैयार की यह योजना...

खेतों में हाड़तोड़ मेहनत कर सभी को दो जून की रोटी मुहैया कराने वाले किसान अब आदि गंगा गोमती के संरक्षण में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। लखनऊ के तटीय इलाकों में पौधरोपण करने के साथ ही खेती के आधुनिक संसाधनों का प्रयोग कर गोमती मैया को संरक्षित करेंगे।

Dharmendra MishraPublish:Sun, 28 Nov 2021 07:24 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 07:24 PM (IST)
अब लखनऊ के किसान करेंगे गोमती नदी का संरक्षण, कृषि विभाग ने तैयार की यह योजना...
अब लखनऊ के किसान करेंगे गोमती नदी का संरक्षण, कृषि विभाग ने तैयार की यह योजना...

लखनऊ, जितेंद्र उपाध्याय, लखनऊ। खेतों में हाड़तोड़ मेहनत कर सभी को दो जून की रोटी मुहैया कराने वाले किसान अब आदि गंगा गोमती के संरक्षण में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। लखनऊ के तटीय इलाकों में पौधरोपण करने के साथ ही खेती के आधुनिक संसाधनों का प्रयोग कर गोमती मैया को संरक्षित करने के उनके प्रयास में अधिकारी और स्वयं सेवी संस्थाएं भी मदद करेंगी।

अगले साल जून में इसकी शुरुआत होगी। कंकरीट की दीवारों से गोमती के कटान को रोकने के बजाय प्राकृतिक संसाधनों को प्रयोग करना अधिक श्रेयस्कर होगा। पौधरोपण के साथ ही जलीय फसलों की खेती नदियों के मूलस्वरूप को बनाए रखने में कामयाब रहती हैं। प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने के प्राकृतिक संसाधनों की जानकारी किसानों से बेहतर शायद ही कोई जान सकता है। किसानों के अनुभवों और कृषि विशेषज्ञों के समन्वय से गोमती संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाने की रणनीति जिला स्तर पर शुरू हो रही है।

जुड़ेंगे 41 गांवों के किसानः

अभियान की कमान तटीय इलाकों के किसान के हाथों में होगी। राजधानी के तटीय क्षेत्र के 41 गांवों के किसानों को अभियान से जोड़ा जाएगा। उप कृषि निदेशक डा.सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान को गति देने के लिए महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के प्रभारी को योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है जबकि हर गांव में जिला प्रशासन स्तर का एक अधिकारी किसानों को योजनाओं से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के साथ ही गोमती संरक्षण की बारीकियों से परिचित कराएंगे।

गोमती संरक्षण के लिए जन सहभागिता बढ़े इसके लिए योजना के लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं रखा गया है। किसानों को कृषि व पशुपालन जैसे विभागों की योजनाओं का लाभ दिलाकर अभियान से जोड़ा जाएगा। लखनऊ ही नहीं गोमती नदी के तटीय क्षेत्रों के गांवों के किसान अभियान में शामिल होंगे। जिला कृषि अधिकारी ओपी मिश्रा ने बताया कि बख्शी का तालाब के जमखनवा के किसानों को जागरूक करने के लिए प्रभातफेरी निकाली गई।