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यूपी के आक्सीजन सप्लाई मॉडल को नीति आयोग ने सराहा, बेहतर प्रबंधन ने देश के सामने कायम की मिसाल

यूपी के आक्सीजन सप्लाई मॉडल को नीति आयोग ने सराहना की है।

नीति आयोग ने यूपी की इस मॉडल की सराहना की है। नीति आयोग ने ट्वीट कर कहा है कि इस रियल टाइम प्रबंधन से उत्तर प्रदेश ने 250 मीट्रिक टन आक्सीजन सप्लाई को बेहद कम समय में एक हजार मीट्रिक टन करके दिखाया है।

Umesh TiwariFri, 14 May 2021 07:00 AM (IST)

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोरोना की दूसरी लहर ने जब विकराल रूप लिया तो आक्सीजन आपूर्ति की समस्या से निपटने के लिए बेहतर प्रबंधन व तकनीक ने नई राहें भी खोलीं। देश जब आक्सीजन के संकट से त्राहिमाम कर रहा था, तब उत्तर प्रदेश ने वह कदम उठाया जो दूसरे राज्यों की नीति पर सवाल भी उठा रहा है। इस पर खुद नीत आयोग ने मुहर भी लगाई है। 23 अप्रैल को 'आक्सीजन मानीटरिंग सिस्टम फार यूपी' का शुभारंभ हुआ। नतीजे में बीते 10 दिनों से सूबे में प्रतिदिन एक हजार मीट्रिक टन आक्सीजन की रिकार्ड सप्लाई संभव हो सकी है, जो पूर्व में 250 मीट्रिक टन थी। इस कामयाबी ने दूसरे राज्यों के लिए नया सबक भी तय किया है।

नीति आयोग ने यूपी की इस मॉडल की सराहना की है। नीति आयोग ने ट्वीट कर कहा है कि इस रियल टाइम प्रबंधन से उत्तर प्रदेश ने 250 मीट्रिक टन आक्सीजन सप्लाई को बेहद कम समय में एक हजार मीट्रिक टन करके दिखाया है। आयोग ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में घर-घर जाकर कोरोना टेस्ट किए जाने के मॉडल को भी बेहद असरदार कहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आक्सीजन सप्लाई को और बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

आक्सीजन की आपूर्ति के लिए आनलाइन मानीटरिंग सिस्टम लागू करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। डिजिटल प्लेटफार्म से खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग, परिवहन तथा गृह विभाग को जोड़ा गया। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि गृह विभाग में बने विशेष कंट्रोल रूम में आक्सी क्रैकर डैश बोर्ड पर आक्सीजन टैंकर की लोकेशन, आक्सीजन की स्थिति व मांग को पल-पल मानीटर किया जा रहा है। आक्सीजन सप्लाई में लगे वाहनों की आनलाइन उपस्थिति को ट्रैक कर सबसे पास मौजूद वाहन को अस्पताल के लिए रवाना करने की व्यवस्था की गई है, जिससे आक्सीजन की मांग को कम समय में पूरा किया जा सके।

झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल से आक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित की गई। आपात स्थिति की तरह आक्सीजन सप्लाई के लिए रेल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया और एयरफोर्स की मदद से दूसरे राज्यों में आक्सीजन लाने के लिए खाली टैंकर भेजने की व्यवस्था भी की गई। आने वाले दिनों की चुनौतियों से निपटने के लिए ब्लू प्रिंट भी तैयार किया गया है। मोदीनगर, आगरा, कानपुर, लखनऊ व वाराणसी को प्राइमरी हब बनाया गया, जबकि दूसरे नंबर पर बरेली व गोरखपुर को भी हब बनाया गया है। ताकि किसी भी स्थान पर रिकार्ड समय मेें आक्सीजन सप्लाई संभव हो। 

आक्सीजन सप्लाई में सबसे आगे यूपी : अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सूबे में आक्सीजन की सप्लाई प्रतिदिन एक हजार मीट्रिक टन तक बढ़ाई गई है। किसी भी राज्य में इतनी आक्सीजन आपूर्ति नहीं की गई है। प्रदेश में जितनी आक्सीजन की जरूरत है, उतनी आक्सीजन जिलों तक पहुंचाई जा रही है।

बढ़ रही आक्सीजन प्लांट की संख्या : प्रदेश के 13 जिलों में वॄकग आक्सीजन जनरेशन प्लांट बनाए गए हैं। भारत सरकार ने 14 संस्थानों के लिए ऐसे प्लांट स्वीकृत किए हैं, जिनमें पांच लग चुके हैं और नौ में काम चल रहा है। राज्य सरकार ने और प्लांट की स्थापना के लिए 167 अतिरिक्त स्थानों की सूची भी केंद्र सरकार से साझा की है।

कोविड अस्पतालों में बेड की उपलब्धता

कोविड अस्पतालों में 64401 आइसोलेशन बेड। 15323 बेड वेंटीलेटर सुविधा से लैस। कोरोना मरीजों के लिए एल-वन, एलटू व एल थ्री अस्पतालों में कुल 79324 बेड।

टीकाकरण का हाल

अब तक करीब 1.41 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण हुआ। 1.11 करोड़ लोगों को लगी पहली डोज। 2935607 लोगों को लग चुकी हैं दोनों डोज। 18 से 44 उम्र के 216897 लोगों को एक से 10 मई के मध्य लगा टीका।

24 घंटों में 1031 मीट्रिक टन आक्सीजन की सप्लाई : उत्तर प्रदेश में लगातार प्रतिदिन एक हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। इस कड़ी में बीते 24 घंटों में प्रदेश के मेडिकल कालेजों, चिकित्सा संस्थानों, निजी अस्पतालों व रीफिलर्स को 1031.43 मीट्रिक टन आक्सीजन की आपूर्ति की गई। सेल्फ प्रोडक्शन के तहत एयर सेपरेटर्स यूनिट्स के माध्यम से भी 81.87 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई और होम आईसोलेशन के 3471 मरीजों को 26.44 मीट्रिक टन आक्सीजन की सप्लाई की गई।

अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि बीते 24 घंटे में 623.11 मीट्रिक टन आक्सीजन की आपूर्ति रीफिलर्स को खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की ओर से की गई है। 313.02 मीट्रिक टन आक्सीजन की सप्लाई मेडिकल कालेजों व चिकित्सा संस्थानों को की गई तथा 95.29 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति निजी चिकित्सालयों को की गई है। उन्होंने बताया कि कानपुर में 85.08 मीट्रिक टन, वाराणसी में 57.15 मीट्रिक टन, प्रयागराज में 56.99 मीट्रिक टन, मेरठ में 261.41 मीट्रिक टन, मुरादाबाद में 53.12 मीट्रिक टन, आगरा में 73.47 मीट्रिक टन, गोरखपुर में 53.21 मीट्रिक टन तथा लखनऊ में 155.26 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बीते 24 घंटे में पहुंचाई गई है।

 

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