यूपी में निजी इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 15 जिलों में नौ हजार हेक्टेयर भूमि चिन्हित, उन्नाव में विकसित होगा पहला पार्क

पीपीपी माडल पर निजी इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे 15 शहरों में 9000 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। पहला निजी इंडस्ट्रियल पार्क उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास बनेगा। प्रतापगढ़ में भी बंद पड़ी औद्योगिक इकाई की जमीन पर निजी इंडस्ट्रियल पार्क विकसित होगा।

Rafiya NazSat, 31 Jul 2021 09:15 AM (IST)
प्रतापगढ़ में बंद पड़ी औद्योगिक इकाई की जमीन पर पार्क बनाने की योजना।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करने के लिए कई जिलों में निजी इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे। निजी इंडस्ट्रियल पार्क में औद्योगिक इकाइयों के लिए सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। पीपीपी माडल पर निजी इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे 15 शहरों में 9000 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। पहला निजी इंडस्ट्रियल पार्क उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास बनेगा। प्रतापगढ़ में भी बंद पड़ी औद्योगिक इकाई की जमीन पर निजी इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने का इरादा है।

जिन जिलों में प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की तैयारी है, उनमें लखनऊ, उन्नाव, अमेठी, सुलतानपुर, प्रतापगढ़, औरैया, हमीरपुर, जालौन, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, गोरखपुर और प्रयागराज को शामिल किया गया है। बड़े निवेशकों को राज्य में लाने के लिए सरकार ने फीरोजाबाद, उन्नाव, आगरा, चित्रकूट, मैनपुरी व बाराबंकी में भी कुल 22 हजार एकड़ जमीन चिन्हित की है। निवेश के लिहाज से इन छह जिलों को उच्च संभावना वाला माना गया है। यह छह जिले आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के आसपास हैं।

प्रदेश में पहला निजी इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए उन्नाव के करौराकलां गांव में जमीन चिन्हित की गई है। इस इंडस्ट्रियल पार्क में टेक्सटाइल और रेडीमेड गार्मेंट, फूड प्रोसेसिंग, परफ्यूम, पीतल के उत्पाद, खिलौने तथा इलेक्ट्रानिक्स उपकरण बनाने वाले उद्योग लगाए जा सकेंगे। प्रतापगढ़ में वर्ष 1972 से बंद पड़ी आटो ट्रैक्टर लिमिटेड की 97 एकड़ भूमि पर भी निजी इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की योजना है। निजी इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए यह जगह बेहद मुफीद है।

बुंदेलखंड व पूर्वांचल में निजी क्षेत्र के उद्यमी कम से कम 20 एकड़ क्षेत्रफल और मध्य उप्र व पश्चिमी उप्र में न्यूनतम 30 एकड़ जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगे। पार्क के मैन्युफैक्चङ्क्षरग जोन में फ्लैटनुमा कारखाने और फैक्ट्री शेड होंगे। सामान्य सुविधाओं के तहत बिजनेस व शाङ्क्षपग सेंटर, इन्क्यूबेशन सेंटर, होटल व रेस्टोरेंट, हास्टल, आफिस ब्लाक, स्वास्थ्य व संचार सुविधाएं, पुलिस व फायर स्टेशन, आदि होंगे। बिजली, पानी, सड़क की सुविधा के अलावा पार्क में कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, टेङ्क्षस्टग व सर्टिफिकेशन लैब भी होंगे। लाजिस्टिक्स के तहत वेयरहाउस, कंटेनर व ट्रक टर्मिनल, रेलवे साइङ्क्षडग इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्यूल स्टेशन आदि सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। हरियाली से भरा ग्रीन जोन भी होगा।

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