नदियों में शव प्रवाहित करने से रोकेंगे नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान, अंतिम संस्कार के लिए मिलेंगे 5000 रुपये

उत्तर प्रदेश में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान नदियों में शव प्रवाहित करने से रोकेंगे।

यूपी सरकार के जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना अथवा अन्य किसी कारण से मृत्यु होने पर शवों को नदियों में बहा दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित प्रधान अपने क्षेत्र में सुनिश्चित करें कि शव किसी भी दशा में नदी में प्रवाहित नहीं किया जाए।

Umesh TiwariSun, 16 May 2021 06:00 AM (IST)

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। नदियों में शव प्रवाहित करने से रोकने की जिम्मेदारी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को सौंपी गई है। अत्याधिक निर्धन और निराश्रित परिवारों में मृत्यु होने पर शवों की उचित तरीके से अंत्येष्टि कराने के लिए पंचायतों द्वारा 5,000 रुपये धनराशि प्रदान की जाएगी। क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्यों का भी सहयोग लिया जाए। भूखमरी के शिकार और बीमारी की दशा में इलाज के लिए भी सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने शनिवार को जारी आदेश में कहा कि कोरोना अथवा अन्य किसी कारण से मृत्यु होने पर शवों को नदियों में बहा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित प्रधान अपने क्षेत्र में सुनिश्चित करें कि शव किसी भी दशा में नदी में प्रवाहित नहीं किया जाए। जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देशित किया कि मृत व्यक्ति के परिजनों को अंत्येष्टि कराने के लिए पांच हजार रुपये प्रदान करने के साथ कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकाल के तहत ही किया जाए।

पीपीई किट व मास्क आदि का प्रयोग करें : कोरोना संक्रमितों की अंत्येष्टि के लिए अलग स्थान चिह्नित किया जाए। अंत्येष्टि करने वाले व्यक्ति को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए पीपी किट, ग्लब्स व मास्क आदि पहनना जरूरी है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु पर आर्थिक कारणों से अंतिम क्रिया किसी भी दशा में प्रभावित न होने पाए। उन्होंने कहा है कि सहायता प्राप्त करने वाले परिवारों का रिकार्ड पंचायत द्वारा रखा जाएगा। जिले स्तर पर एकत्रित जानकारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत के माध्यम से निदेशक को प्रेषित की जाएगी।

भूखमरी के शिकार परिवार की मदद करें : अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग भूखमरी के शिकार न होने पाए। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवार को तत्काल एक हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। ऐसे परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं होने की स्थिति में तत्काल कार्ड बनाने की व्यवस्था हो। इसके अलावा बीमारी की दशा में इलाज के लिए दो हजार रुपये प्रदान किए जाए। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड बनवाने की कार्रवाई ग्राम पंचायत द्वारा की जाए।

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