Nagar Nigam Budget: हंगामे की भेंट चढ़ा नगर निगम का सदन, भाजपा और विपक्षी पार्षदों ने की नारेबाजी

भाजपा पार्षदों ने बजट को बताया अवैध तो विपक्षी पार्षदों का झुग्गी झोपड़ी हटाए जाने पर हंगामा।
Publish Date:Sat, 26 Sep 2020 10:56 PM (IST) Author: Divyansh Rastogi

लखनऊ, जेएनएन। Nagar Nigam Budget: कोविड काल में नगर निगम का बजट सदन पूरे एहतियात के साथ रविवार को शुरू हुआ। सदन नगर निगम के त्रिलोकनाथ हाल में महापौर संयुक्ता भाटिया की मौजूदगी में चालू हुआ। 

नगर निगम सदन कोरोना संक्रमण काल में झुग्गी झोपड़ी हटाए जाने का विपक्षी पार्षदों ने विरोध किया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन पर दंडात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। इसे लेकर सदन में हंगामा चल रहा है। इस दौरान नगर निगम सदन में भाजपा पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान और मुन्ना मिश्रा ने ही बजट को अवैध बताते हुए कहा कि  पूर्व में कार्यकारिणी समिति में पास बजट के विपरीत खर्च को अधिक दिखाया गया है, जो गैरकानूनी है। इससे पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी ने भी बजट को शासन का बताते हुए सदन में पेश बजट को अवैध बताया था। वहीं, सदन की चर्चा में दैनिक जागरण में छपी हाउस टैक्स घोटाले की खबर छाई रही। नगर आयुक्त ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। 

हंगामे की भेंट चढ़ा नगर निगम का सदन 

देखते ही देखते नगर निगम का सदन हंगामे की भेंट चढ़ गया। भाजपा और विपक्षी पार्षदों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान महापौर संयुक्ता भाटिया सदन छोड़ कर चली गईं। वहीं, सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री मोदी व प्रियंका गांधी जिंदाबाद के नारों से गूंजता रहा। 

 

एहतियात का पूरा इंतजाम 

नगर निगम सदन शुरू होने से पहले बैठने वाले सभी सदस्यों, अफसरों और अन्य लोगों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया। जिसमें निगेटिव होने के बाद ही सदन में प्रवेश मिल सका। इसके बाद सदन चालू हो सका। 

 

19 अरब रुपये बजट पर लगेगी मुहर 

ये बजट करीब 19 अरब रुपये का होगा। इसमें आय और व्यय पक्ष में 1,93,034.30 लाख का प्रावधान किया गया है। हालांकि,  सदन बजट को लेकर बुलाया गया है, लेकिन पार्षदों का गुबार भी सदन में देखने को मिलेगा। नगर निगम ने बजट में किसी नए कर और किसी कर में वृद्धि का प्रस्ताव नहीं किया है, जो आमजन के लिए राहत की बात है। यातायात सुरक्षा का बजट इस बार भी शून्य रखा गया है। वर्ष 2018-19 में नगर निगम ने अपने बजट में 2.89 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया था और उसके बाद यातायात सुरक्षा पर बजट में किसी तरह के खर्च का कोई प्रावधान नहीं किया गया।

विकास कार्य पर खर्च होने वाली राशि (रुपये में)

सड़क के नए निर्माण पर दस करोड़ सड़कों की मरम्मत पर 160 करोड़ नाला निर्माण पर 50 लाख पार्कों में दीवार बनाने, मरम्मत व रंगरोगन, कम्पोस्ट पिट निर्माण पर एक करोड़ भवन मरम्मत पर डेढ़ करोड़ कल्याण मंडप के निर्माण पर डेढ़ करोड़ लावारिश लाशों के निस्तारण पर 15 लाख श्मशान घाटों और कब्रिस्तान की मरम्मत पर 30 लाख रोड लाइट के नए सामान की खरीद पर दो करोड़ रोड लाइट के नए निर्माण पर 50 लाख रोड लाइट की मरम्मत पर दो करोड़ अस्थाई प्रकाश व्यवस्था पर दो करोड़ शहरी निर्धन बस्तियों के विकास पर 20 लाख संविदा सफाई ठेका पर 70 करोड़ नालों की सफाई पर 8.50 करोड़ नए कूड़ाघर के निर्माण पर दो करोड़ पेट्रोल-डीजल पर 31 करोड़

इनसे होगी मुख्य आय

भवन कर से 410 करोड़ वाहन व गाडिय़ों पर कर तीन लाख कुत्तों का लाइसेंस शुल्क 15 लाख विज्ञापन शुल्क दस करोड़ प्रेक्षागृहों पर कर 80 लाख कल्याण मंडप किराया दो करोड़ विभिन्न तरह के लाइसेंस से शुल्क दो करोड़

पार्किंग से शुल्क पांच करोड़

यूजर चार्जेज 12 करोड़ सुदृढ़ीकरण शुल्क पांच करोड़ स्टाम्प बिक्री से हिस्सेदारी पचास करोड़ रोड कटिंग से दस करोड़  

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