Mukhtar Ambulance Case: मुख्तार की एंबुलेंस प्रकरण में BJP नेता डॉ.अलका राय अपने भाई के साथ गिरफ्तार, और बढ़ेंगी डॉन की मुश्किल

मऊ की भाजपा नेता डॉक्टर अलका राय

Mukhtar Ambulance Case मुख्तार अंसारी को पंजाब में पेशी के दौरान प्रयोग में लाई गई बाराबंकी की एंबुलेंस के मामले में मऊ की भाजपा नेता डॉ.अलका राय और उनके भाई की गिरफ्तारी के बाद मऊ से बसपा के विधायक मुख्तार अंसारी पर अब एक और केस दर्ज होना तय।

Dharmendra PandeyTue, 20 Apr 2021 09:38 AM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। पंजाब की रूपनगर जेल से प्रदेश की बांदा जेल में वापसी करने वाले बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की मुश्किल लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। मुख्तार अंसारी को पंजाब में पेशी के दौरान प्रयोग में लाई गई बाराबंकी की एंबुलेंस के मामले में मऊ की भाजपा नेता डॉ. अलका राय और उनके भाई की गिरफ्तारी के बाद मऊ से बहुजन समाज पार्टी के विधायक मुख्तार अंसारी पर अब एक और केस दर्ज होना तय है।

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि एसआईटी जांच के बाद यह गिरफ्तारी की गई है। डॉ. अलका राय पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर एम्बुलेंस का पंजीकरण कराने का आरोप है। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में एक आरोपी राजनाथ यादव की गिरफ्तारी पहले हो हो चुकी है। पुलिस अधीक्षक बाराबंकी ने बताया कि डॉ. अलका राय ने कहा था कि माफिया डॉन मुख़्तार ने जबरन उनसे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए थे। अलका राय के बयान के आधार पर बाराबंकी पुलिस ने मुख़्तार के खिलाफ साजिश और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया। मुख़्तार को 120बी का आरोपी बनाया गया और मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई। डा. अलका राय व उनके भाई शेष नाथ राय गिरफ्तारी की गई है। पुलिस डा. अलका राय के घर सोमवार की रात पहुंची थी।

बिना कागजात और फिटनेस के प्रयोग में लाई गई एंबुलेंस के मामले में बाराबंकी में केस दर्ज किया गया था। बाराबंकी पुलिस ने इस मामले में मऊ की भाजपा नेता डॉक्टर अलका राय के अस्पताल का नाम आने के बाद मऊ जाकर पड़ताल की। इस मामले में मुख्तार के खास राजनाथ यादव को पकड़ा गया। बाराबंकी पुलिस जब मऊ गई थी तो डॉक्टर अलका राय के बयान के आधार पर मऊ के थाना सराय लखनी के अहिरौली गांव निवासी राजनाथ यादव को पकड़ा था। उस पर आरोप है कि उसने डॉक्टर राय पर एंबुलेंस को लेकर दबाव बनाया था। उससे पूछताछ के बाद बाराबंकी पुलिस ने सोमवार रात मऊ से डॉ. अलका राय और उनके भाई को गिरफ्तार किया है।

बाराबंकी पुलिस ने एंबुलेंस केस में मऊ के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका डॉक्टर अलका राय और उनके भाई एसएन राय को गिरफ्तार कर लिया है। एंबुलेंस के फर्जी पंजीकरण दस्तावेजों पर डॉ. अलका राय से साइन कराने वाले मऊ के राजनाथ यादव को पहले ही गिरफ्तार किया था। राजनाथ यादव के बयान के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर फर्जी कागजात के आधार पर एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन कराने का आरोप है। अब इस केस में मुख्तार अंसारी को भी आरोपी बनाया गया है।

पंजाब की रूपनगर जेल में बंद बसपा विधायक बाहुबली मुख्तार अंसारी की मोहाली कोर्ट में जिस एंबुलेंस से पेशी कराई गई थी उसके चर्चा में आने के बाद से ही मामला तूल पकड़ गया था। बीती 31 मार्च को जब मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था तब उसे एक यूपी नंबर की एम्बुलेंस से मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था। इस एंबुलेंस पर बाराबंकी का नंबर था। इस मामले में पुलिस का शिकंजा कसते ही मुख्तार के गुर्गे उसे रुपनगर में एक ढाबे के पास लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए थे। बाराबंकी पुलिस एंबुलेंस को पंजाब से अपनी कस्टडी में ले चुकी है।

एंबुलेंस (यूपी 41 एटी 7171) का बाराबंकी कनेक्शन निकलने के बाद परिवहन विभाग व स्वास्थ्य विभाग ने दस्तावेजों की पड़ताल की गई। पता चला कि यह एंबुलेंस के पंजीकरण में परिवहन विभाग में मऊ के श्याम संजीवनी हॉस्पिटल का लेटर और डॉक्टर अलका राय का वोटर कार्ड लगाया गया था। इसमें भी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट व मकान का पता फर्जी पाया गया। एम्बुलेंस का रजिस्ट्रेशन डॉक्टर अलका राय के नाम दर्ज है, इसलिए बाराबंकी के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने उनके खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया। इसमें मुख्तार अंसारी को भी साजिश का आरोपी बनाया गया है।  

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.