COVID-19 Effect: लखनऊ में वाहनों की बिक्री पर काेरोना का ब्रेक, लॉकडाउन में प्रभावित हुई 20 करोड़ से अधिक की बिक्री

लखनऊ में वाहन कारोबारियों को जोर झटका लगा है। 23 अप्रैल से 31 मई के बीच बिक्री में 12 हजार तीन सौ से अधिक का अंतर आया है और तकरीबन 20 करोड़ का नुकसान हुआ है। आम दिनों में एक माह में करीब 40 करोड़ के आसपास रहता है।

Rafiya NazSun, 06 Jun 2021 10:15 AM (IST)
लखनऊ में कोरोना काल में वाहन बाजार रहा मंदा, 39 दिन शोरूम में खडे़ रहे करोड़ों के वाहन।

लखनऊ [नीरज मिश्र]। कोरोना काल में वाहन बाजार बुरी तरह लड़खड़ा गया है। कारोबारियों को जोर झटका लगा है। करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। 23 अप्रैल से 31 मई के बीच वाहनों की बिक्री में 12 हजार तीन सौ से अधिक का अंतर आया है और तकरीबन 20 करोड़ का नुकसान हुआ है। जो आम दिनों में एक माह में करीब 40 करोड़ के आसपास रहता है। कारोबारी कहते हैं लंबी सहालग और त्योहार इस बार यह आंकड़ा 45 करोड़ को महज एक माह में आसानी से पार करा देते लेकिन लॉकडाउन ने व्यापार को बड़ी चोट दे दी है।

अवधि -दोपहिया वाहन - कीमत -चार पहिया गाडियां -बिके वाहनों की कीमत

आमदिनों में बिकी गाड़ियां

23 अप्रैल से 31 मई 2018 -14,474 -8,44,11,718 - 4,391 -30,22,07,365 काेराेना काल में हालात 23 अप्रैल से 31 मई 2021 -4,421 -3,45,67,580 -2116 -17,42,91,010 12,328 वाहन कम बिके, करीब 20 करोड़ का नुकसान

कोरोना काल में वाहनों की बिक्री में जाेरदार गिरावट दर्ज की गई। तकरीबन 12 हजार तीन सौ से अधिक वाहनों की खरीद कम हुई है। वहीं लगभग 20 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है।कारोबारियों का कहना है कि सहालग और त्योहारी सीजन से इन आंकड़ों में और इजाफा होने का अनुमान था। इस बार सहालग बड़ी और लंबे समय तक थी जो कारोबार को इस डेढ़ माह में 45 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करा देती। इसके अलावा 30- 35 लाख से अधिक कीमत वाले वाहन शोरूमों में खडे़ रहे।

शहर में दो पहिया और चार पहिया वाहनों के शोरूम की संख्या-96

आमदिनों में एक माह में लगभग 40 करोड़ का कारोबार होता है

सालाना कारोबार 500 करोड़: एसएएस एजेंसी के मालिक गुंजित कालरा ने बताया कि कोरोना काल में वाहन बाजार को जोर का झटका लगा है। कई करोड़ के वाहन शोरूम और गोदाम में रखे रह गए हैं। खर्च ज्यों का त्यों है लेकिन आय नहीं हुई है। काफी बड़ा कारोबार प्रभावित हुआ है।

रॉयल इन्फील्ड शोरूम के के हर्षित बजाज ने बताया कि बुलेट के शौकीनों के लिए तमाम मॉडल जुटाए गए थे। सहालग थी। ऐसे में आशा थी कि बहुत तेजी से माॅडल उठेंगे। करोड़ों रुपया इन्वेस्ट किया गया था। लेकिन कोरोना काल ने सबकुछ चौपट कर दिया।सहालग चल रही है। अगर शाेरूम जल्द खुल गए तो बड़ी राहत मिलेगी।

सन मोटर्स के सौरभ अग्रवाल ने बताया कि मंगाया गया माल काफी संख्या में शोरूम और गोदाम में मौजूद है। कारोबारियों का इसमें काफी पैसा फंसा है। अगर लॉकडाउन जल्द हट गया तो बची सहालग का लाभ काफी हद तक रिकवरी करा सकता है। करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है।

 

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