जागरण संवाददाता लखनऊ: जन सेवा के लिए तत्पर रहना, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझना और यथा संभव योगदान देना। कुछ लोगों के समूह ये कार्य बखूबी कर रहे हैं। इन्हीं में शामिल हैं लायन्स क्लब की विभिन्न शाखाएं। राजधानी में क्लब की विभिन्न 94 शाखाएं हैं। ये शाखाएं हर क्षेत्र में बिना किसी स्वार्थ के कार्य कर रही हैं। कोई गरीब, अनाथ बच्चों को शिक्षित करने का पुनीत कार्य कर रहा है तो कोई रक्तदान करवाकर मरीजों की जिंदगी बचा रहा है। बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं के हितार्थ भी शाखाएं काम करती हैं। क्लब की महिला विंग खासी सक्रिय है। आइए जानते हैं क्लब की कुछ शाखाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों के बारे में। 

पढ़ाई का उठाया जिम्मा, इलाज में कर रहे मदद
लायंस क्लब की एक ब्रांच है 'प्रतिष्ठा' है। इसकी प्रेसिडेंट ऊषा कपिल बताती हैं कि 45 सदस्यों के सहयोग से वह सामाजिक उत्थान के लिए अभियान चला रही हैं। हर वर्ष क्लब के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाती है। उसके अनुसार, सामाजिक कार्यों का अभियान चलाया जाता है। पिछले आठ वर्षों से मालवीय स्कूल गोमतीनगर के 25 बच्चों के भोजन का जिम्मा क्लब के सदस्य संभाल रहे हैं। क्लब की सचिव प्रीति श्रीवास्तव, सदस्य डॉ. अनुराग चंद्रा, कुसुम सेठ, पुष्पा, अनीता आदि के सहयोग से रक्त दान शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। जुलाई में 13 यूनिट रक्तदान कराया गया था।

अगस्त में लोहिया अस्पताल के असाध्य एवं कैंसर के 40 रोगियों को खाने-पीने के सामान बांटे गए। क्लब आर्य कन्या विद्यालय के दस बच्चों की पढ़ाई में भी हेल्प कर रहा है। इसी  स्कूल की छात्राओं को सितंबर में साइकिलें भी बांटी गई थीं। 

समाजसेवा के रास्ते पर 25 वर्षों का सफर
समाजसेवा के क्षेत्र में लायंस क्लब की 'सुरभि' ब्रांच 25 सालों से काम कर रही है। शाखा की सचिव सुधा चंद्रा बताती हैं कि हर वर्ष स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जाता है। इसी क्रम में अगस्त में दयानंद कन्या विद्यालय महानगर में कैम्‍प लगाकर 250 छात्र-छात्राओं के सेहत की जांच की गई। साथ ही दवाएं व परामर्श दिया गया। इसके अलावा क्लब के सदस्य ईश्वर चंद्र फाउंडेशन के सहयोग से पांच बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा भी संभालते हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने का भी बीड़ा उठाया है। इसी महीने केजीएमयू में हुए एक कार्यक्रम में चार महिलाओं को नि:शुल्‍क सिलाई मशीन प्रदान की गई।

प्रेसीडेंट रेनू कपूर कहती हैं कि क्लब के सदस्यों के साथ मलिन बस्तियों के बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों की सेवा की जाती है। उनके स्वास्थ्य की जांच कर परामर्श भी दिया जाता है। यही नहीं, क्लब हर महीने सीमा सेवा संस्थान इंदिरानगर के 50 बच्चों के भोजन की व्यवस्था भी कर रहा है।