Man died in Lockup : रिमाइंडर भेजा फिर भी साढ़े तीन महीने बाद नहीं आई फोरेंसिक रिपोर्ट

लखनऊ: तीन जुलाई को थाने लाये गये थे। शव थाने के लॉकअप में ही फांसी लटका मिला था।
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 01:14 AM (IST) Author: Divyansh Rastogi

लखनऊ, जेएनएन। Man died in Lockup : राजधानी के गोमतीनगर विस्तार थाने के लॉकअप में ई-रिक्शा चालक उमेश की हत्या का मामला साढ़े तीन महीने से अधिक समय से अधर में लटका है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर फोरेंसिक एक्सपर्ट अभी भी अपनी राय नहीं भेज सके हैं। मामले की विवेचना कर रहीं सीओ कैंट डॉ. बीनू सिंह ने बताया कि फोरेंसिक रिपोर्ट के लिए रिमाइंडर भी भेजा फिर भी नहीं आई। 

उन्होंने बताया कि गोमतीनगर विस्तार पुलिस को दोनों फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं, फिर भी गिरफ्तारी नहीं हो रही। उन्होंने इसके लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार करने को भी कहा। निलंबन के बाद अभी तक आरोपित पुलिसकर्मियों की जांच सीजेएम स्तर से हो रही है। पूर्व डीआइजी के नौकर राजकुमार की गिरफ्तारी के बाद उसके दोनों फरार साथियों की गिरफ्तारी में पुलिस रुचि नहीं दिखा रही।

पूर्व डीआइजी के नौकर की गिरफ्तारी तो हो गई, लेकिन थाने के लॉकअप में युवक की मौत के बावजूद निलंबित पांच पुलिसकर्मियों में से एक की भी अभी गिरफ्तारी नहीं हुई। जबकि उनका भी अपराध पूर्व डीआइजी के नौकर से कम नहीं है। गोमतीनगर विस्तार के अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक बृजेश यादव, उपनिरीक्षक कौशलेंद्र सिंह, सिपाही राज, दीपक खटाना व राधा मोहन सिंह को घटना के बाद निलंबित कर दिया गया था। 

यह था मामला 

मूलरूप से सीतापुर के महोली के मुरनिया गांव निवासी उमेश पर पूर्व डीआइजी उदयशंकर जायसवाल ने घर में चोरी का आरोप लगाकर उसे तीन जुलाई को थाने लाये गये थे। थाने के लॉकअप में उसका शव थाने के लॉकअप में ही फांसी लटका मिला था। उमेश के भाई गुड्डू गौतम ने पूर्व डीआइजी उदयशंकर जायसवाल के नौकर राजकुमार उसके साथी व घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई थी।

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