इंटरनेट मीडिया पर भी लखनऊ चिड़ियाघर का जलवा, मिल रही चार से पांच रेटिंग

बदलते समय के साथ चिड़ियाघर ने भी कदमताल शुरू कर दी है। युवाओं के अनुरूप न केवल चिड़ियाघर में बदलाव किया जा रहा है बल्कि स्मार्ट फोन से चिड़ियाघर के वन्यजीवों की जीवनी भी जानी जा सकेगी। यही नहीं चिड़ियाघर अब सोशल मीडिया पर भी धूम मचा रहा है।

Vikas MishraPublish:Tue, 23 Nov 2021 10:55 AM (IST) Updated:Wed, 24 Nov 2021 07:40 AM (IST)
इंटरनेट मीडिया पर भी लखनऊ चिड़ियाघर का जलवा, मिल रही चार से पांच रेटिंग
इंटरनेट मीडिया पर भी लखनऊ चिड़ियाघर का जलवा, मिल रही चार से पांच रेटिंग

लखनऊ, [जितेंद्र उपाध्याय]। बदलते समय के साथ चिड़ियाघर ने भी कदमताल शुरू कर दी है। युवाओं के अनुरूप न केवल चिड़ियाघर में बदलाव किया जा रहा है बल्कि स्मार्ट फोन से चिड़ियाघर के वन्यजीवों की जीवनी भी जानी जा सकेगी। यही नहीं, लखनऊ चिड़ियाघर अब सोशल मीडिया पर भी धूम मचा रहा है। जू के जीमेल अकाउंट से गूगल माई बिजनेस लिंक कराकर एक पेज बनाया है जिससे लाखों लोगों ने देख रहे और लाइक कर रहे हैं। गूगल पर लखनऊ जू टाइप करके कोई भी इस पेज पर आ सकता हैं।

इस लिंक पेज के माध्यम से देश में कहीं से भी चिड़ियाघर की विशेषताओं के बारे में जाना जा सकता है। इस एप के जरिए चिड़ियाघर को पांच लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। चिड़ियाघर के निदेशक आरके सिंह ने बताया कि इस गूगल माई बिजनेस पेज पर लाखों लोग अपना फीडबैक दे रहे हैं। लोग हमसे जू की सुविधा, समस्या और सुझाव के बारे में चर्चा कर रहे हैं। उनके सवालों के जवाब के साथ उनकी समस्याओं और सुझाव को ध्यान में रखकर आगे आने वाले समय में और बदलाव किया जाएगा।

नियमित रूप से पेज पर लिया जाता है सुझावः चिड़ियाघर के गूगल माई बिजनेस पेज पर आने वाले लोग जू को रेटिंग दे रहे हैं। निदेशक के मुताबिक ज्यादातर लोग चार से पांच के बीच रेटिंग दे रहे हैं जो प्राणि उद्यान की लोकप्रियता और उसकी खूबियों को दर्शाता है। इस पेज पर नियमित तौर पर लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। 

स्मार्ट बाड़े सुनाई पड़ती है तेंदुए की दहाड़ः इस बाड़े की खासियत यह है कि इस बाड़े से वन्यजीव बाहर नहीं निकल पाएगा। इससे न केवल सुरक्षा होगी बल्कि दर्शकों की भी चिंता दूर हो जाएगी। नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान को स्मार्ट बनाने के संकल्प को अब हकीकत में बदल गया है। पहले चरण में तेंदुए के लिए बाड़ा बनाया गया है। सौर ऊर्जा से संचालित इस बाड़े की चहार दीवारी लोहे की बनी होने के साथ काफी ऊंची है। उप निदेशक डा.उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि यह बाड़ा सुरक्षा की दृष्टि से तो खास है ही साथ ही इसकी बनावट दर्शकों को बरबस अपनी ओर खींचेगी। इस इकलौते बाड़े को माडल के तौर पर तैयार किया गया है।

समय के साथ चिड़ियाघर को दर्शकों के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों के मनोरंजन के साथ ही बड़ों को भी घूमने में आनंद की अनुभूति हो इसके लिए फीड बैक के आधार बदलाव किए जा रहे हैं। -आरके सिंह-निदेशक, नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान