लखनऊ में मल्टी स्टोरी बि‍ल्डिंग का नक्शा पास होने पर तुरंत मिलेगा बिजली कनेक्शन, एलडीए की कालोनी को मिली बड़ी राहत

लखनऊ में अगर आवासीय परिसरों में अगर लखनऊ विकास प्राधिकरण से नक्शा पास है तो बिजली कनेक्शन के लिए बिजली विभाग मना नहीं कर सकेगा। यह व्यवस्था मल्टी स्टोरी यानी जी प्लस टू वाले भवनों पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

Rafiya NazThu, 28 Oct 2021 07:55 AM (IST)
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मल्टी स्टोरी यानी जी प्लस टू वाले भवनों के लिए शुरू की व्‍यवस्‍था।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। आवासीय परिसरों में अगर लखनऊ विकास प्राधिकरण से नक्शा पास है तो बिजली कनेक्शन के लिए बिजली विभाग मना नहीं कर सकेगा। यह व्यवस्था मल्टी स्टोरी यानी जी प्लस टू वाले भवनों पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। लविप्रा उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने मध्यांचल एमडी सूर्य पाल गंगवार को पत्र भेजकर उल्लेख किया है कि मल्टी स्टोरी यानी जी प्लस टू का अगर लविप्रा से नक्शा पास है तो उसे ही एनओसी माना जाए। मध्यांचल एमडी सूर्य पाल गंगवार ने बताया कि अब अभियंता बिजली कनेक्शन देने में नहीं हिचकेंगे।

बिजली विभाग ने राजधानी के सभी 26 खंडों में मल्टी स्टोरी में बिजली कनेक्शन देने पर रोक लगा दी थी। क्योंकि लविप्रा द्वारा बिना एनओसी के कनेक्शन देने पर आग्रह किया गया था। अब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है। कम से कम लविप्रा द्वारा नियोजित कालोनियों में रह रहे लोगों को बहुत बड़ी राहत मिल गई है।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सूर्य पाल गंगवार ने बताया कि सभी खंडों के अधिशासी अभियंता को कनेक्शन देने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि अगर लविप्रा से नक्शा पास है तो कनेक्शन दे दिया जाए। यह व्यवस्था सिर्फ आवासीय परिसर में जी प्लस टू के लिए है। अगर आवासीय परिसर में वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए भवन बनाया है और नक्शा आवासीय का पास है तो कनेक्शन आवासीय ही मिलेगा।

अली नगर सुनहरा में बिजली कनेक्शन का इंतजार: सेस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अली नगर सुनहरा के लोगों को अभी बिजली कनेक्शन के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मध्यांचल एमडी सूर्य पाल गंगवार ने बताया कि अली नगर सुनहरा, पंडित खेड़ा व आसपास के लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर की है। अब निर्णय आने के बाद आगे काम किया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण व बिजली विभाग पर आरोप लगाया है कि राजधानी में सैकड़ों अनियोजित कालोनियां हैं। सिर्फ अली नगर सुनहरा से ऐसा बर्ताव दोनों विभाग क्यों कर रहे हैं। अगर रोक लगानी है तो सभी अनियोजित कालोनियों में लगाए।

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